सोशल संवाद / रांची: श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर राजधानी रांची का प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर क्षेत्र प्रशासन की प्राथमिकता में आ गया है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों को अतिक्रमण मुक्त करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

अतिक्रमण हटाने के लिए चलेगा विशेष अभियान
श्रावण माह के दौरान पहाड़ी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। इसे ध्यान में रखते हुए मंदिर तक जाने वाले मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण हटाने की योजना बनाई गई है। इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान होगी और यातायात व्यवस्था भी बेहतर हो सकेगी। पहले भी पहाड़ी मंदिर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के अभियान चलाए जा चुके हैं, जिससे जाम और भीड़भाड़ की समस्या में कमी आई थी।
साफ-सफाई और सुविधाओं पर रहेगा विशेष फोकस
अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सफाई अभियान भी चलाया जाएगा। नगर निगम द्वारा श्रावण माह से पहले विशेष स्वच्छता अभियान की तैयारी की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिल सके।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए होंगे विशेष इंतजाम
प्रशासन की ओर से भीड़ प्रबंधन, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात नियंत्रण को लेकर भी विशेष व्यवस्था की जा रही है। श्रावणी मेले के दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए पहाड़ी मंदिर पहुंचते हैं, ऐसे में सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने किया स्वागत
स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अतिक्रमण हटने से मंदिर क्षेत्र अधिक व्यवस्थित होगा और श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
पहाड़ी मंदिर रांची के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। श्रावणी मेले के दौरान यहां झारखंड समेत अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। बेहतर व्यवस्थाओं और साफ-सुथरे माहौल से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
श्रावणी मेले से पहले पहाड़ी मंदिर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाने की पहल श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन, नगर निगम और संबंधित विभागों की संयुक्त तैयारियों से इस वर्ष श्रद्धालुओं को अधिक सुगम और व्यवस्थित दर्शन व्यवस्था मिलने की उम्मीद है।










