सोशल संवाद / सरायकेला-खरसावां: निजी वाहन पर “झारखंड सरकार” का बोर्ड लगाकर टोल टैक्स से बचने के कथित मामले की पड़ताल करना एक पत्रकार को भारी पड़ गया। आरोप है कि खबर के लिए तस्वीर लेने पहुंचे पत्रकार के साथ वाहन में सवार लोगों ने अभद्र व्यवहार किया और जान से मारने तक की धमकी दी।

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मिली जानकारी के अनुसार, सूचना थी कि आदित्यपुर टोल प्लाजा से लेकर कांड्रा टोल प्लाजा तक प्रतिदिन कुछ निजी वाहनों पर “झारखंड सरकार” का बोर्ड लगाकर टोल टैक्स से बचने की सुविधा ली जाती है। इसी सूचना के आधार पर एक निजी चैनल के पत्रकार चंद्रमणि मामले की पड़ताल कर रहे थे।
बताया जाता है कि रविवार शाम गम्हरिया प्रखंड कार्यालय के समीप उन्हें कथित रूप से वही वाहन दिखाई दिया। जैसे ही पत्रकार ने उसकी तस्वीर लेने का प्रयास किया, वाहन में सवार लोग उनके पास पहुंचे और कथित तौर पर बदसलूकी करते हुए धमकियां देने लगे। आरोप है कि पत्रकार से कहा गया कि “जमीन में गाड़ देंगे।” घटना के बाद पत्रकार खुद को असुरक्षित और भयभीत महसूस कर रहा है।
पत्रकार का आरोप है कि संबंधित वाहन में सवार एक व्यक्ति ने स्वयं को पुलिस पदाधिकारी बताया। आरोपी दरोगा का नाम राजकुमार साह बताया जा रहा है। वहीं वाहन JH05EG7398 किसी आशीष कुमार के नाम से संबंधित बताया गया है, जो कथित रूप से कल्याण विभाग में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं।
घटना के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि किसी निजी वाहन पर सरकारी बोर्ड लगाकर टोल टैक्स से छूट का लाभ लिया जा रहा है, तो इसकी वैधता क्या है? यदि इस संबंध में कोई पत्रकार समाचार संकलन करता है, तो उसे धमकाना और डराने का प्रयास कितना उचित है?
फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित पक्षों का बयान और पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। यदि पत्रकार द्वारा लिखित शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।










