सोशल संवाद / डेस्क : पत्रकार अंजना ओम कश्यप और चर्चित शिक्षक खान सर के बीच चल रहे मानहानि विवाद में गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए दोनों पक्षों को मीडिएशन (मध्यस्थता) के जरिए मामला सुलझाने की सलाह दी। अदालत ने कहा कि शुरुआती समीक्षा के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों पक्ष आपसी सहमति से विवाद का समाधान निकाल सकते हैं।

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जस्टिस तुषार राव गेडेला की एकल पीठ ने दोनों पक्षों के वकीलों को उसी दिन शाम 4:30 बजे मीडिएटर के समक्ष उपस्थित होकर बातचीत शुरू करने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कोई वरिष्ठ मीडिएटर नियुक्त किया जाता है, तो दोनों पक्ष समझौते की संभावनाओं पर विचार करने के लिए तैयार हैं।
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान अदालत ने खान सर और अन्य शिक्षकों से अंजना ओम कश्यप के बच्चों से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी वाले सोशल मीडिया पोस्ट हटाने को कहा। वहीं अंजना ओम कश्यप से भी कहा गया कि वे शिक्षकों को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाने से बचें।
अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि शिक्षकों की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका होती है और उन्हें युवाओं के सामने सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद 29 मई 2026 को प्रसारित आज तक के एक डिबेट शो के बाद शुरू हुआ। इस कार्यक्रम में अंजना ओम कश्यप ने ऑनलाइन “स्टार टीचर्स” के बढ़ते प्रभाव और शिक्षा के बढ़ते व्यावसायीकरण (Commercialization of Education) पर टिप्पणी की थी। उनके अनुसार यह राष्ट्रीय महत्व के विषय पर की गई पत्रकारिता का हिस्सा था।
इसके बाद, याचिका के अनुसार, 30 मई से 4 जून 2026 के बीच खान सर समेत कई शिक्षकों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अंजना ओम कश्यप और आज तक नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चलाया।
मानहानि के आरोप
टीवी टुडे नेटवर्क और अंजना ओम कश्यप ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो में उनके लिए “बिकाऊ पत्रकार”, “चाटुकार”, “दलाल” और “फेक न्यूज़ की दुकान” जैसे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। साथ ही उन पर पक्षपातपूर्ण पत्रकारिता करने के आरोप लगाए गए।
याचिका में यह भी कहा गया कि खान सर ने सार्वजनिक रूप से अंजना ओम कश्यप के बच्चे के स्कूल से जुड़ी जानकारी साझा की, जिससे उनके परिवार की निजता और सुरक्षा प्रभावित हुई।
किन लोगों को बनाया गया पक्षकार?
इस मानहानि मामले में खान सर के अलावा शिक्षक अभिनय शर्मा, बबीता त्यागी और अरविंद भदौरिया को भी प्रतिवादी बनाया गया है। इसके साथ ही कुछ एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल और 4PM न्यूज़ नेटवर्क को भी मुकदमे में शामिल किया गया है।
फिलहाल क्या स्थिति है?
दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले का तत्काल निर्णय देने के बजाय दोनों पक्षों को मीडिएशन के जरिए विवाद सुलझाने का अवसर दिया है। यदि मध्यस्थता सफल होती है, तो लंबे कानूनी विवाद से बचा जा सकता है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आगे की सुनवाई मीडिएशन की प्रगति के आधार पर होगी।










