सोशल संवाद / डेस्क : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़ी एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। एक RTI (सूचना का अधिकार) के जवाब में खुलासा हुआ है कि देशभर में 30.91 लाख निष्क्रिय (Inoperative) EPF खातों में करीब ₹9,330 करोड़ की राशि अब भी बिना दावा किए पड़ी है। यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है, जब केंद्र सरकार ने हाल ही में EPF Scheme 2026 लागू की है।

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31 लाख से ज्यादा खातों में फंसा कर्मचारियों का पैसा
RTI के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक EPFO के पास 30,91,862 निष्क्रिय EPF खाते दर्ज थे, जिनमें कुल ₹9,330 करोड़ जमा हैं। हालांकि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इसमें कुछ कमी आई है। 31 मार्च 2025 तक ऐसे खातों की संख्या 31.83 लाख थी और इनमें ₹10,181 करोड़ जमा थे। यानी एक साल में करीब 92 हजार खाते कम हुए और लगभग ₹851 करोड़ का दावा किया गया। इसके बावजूद हजारों करोड़ रुपये अब भी कर्मचारियों के खातों में बिना दावा किए पड़े हैं।
कितनी बड़ी है यह राशि?
रिपोर्ट के मुताबिक, यह राशि इतनी बड़ी है कि इससे लगभग तीन नए IIT संस्थानों की स्थापना की जा सकती है। तुलना के तौर पर यह रकम केंद्र सरकार की कई बड़ी योजनाओं के बजट के बराबर बताई गई है। यह उदाहरण केवल राशि के आकार को समझाने के लिए दिया गया है।
पुराने वर्षों का डेटा नहीं मिला
RTI में पिछले छह वर्षों के निष्क्रिय EPF खातों का विवरण भी मांगा गया था, लेकिन EPFO ने केवल 2025 और 2026 का डेटा उपलब्ध कराया। संगठन ने बताया कि Inoperative Accounts Cell (IAC) का गठन 2025-26 में हुआ है, इसलिए उससे पहले का रिकॉर्ड इस सेल के पास उपलब्ध नहीं है।
आधार लिंक और हाई-वैल्यू खातों की जानकारी नहीं दी
RTI में आधार से जुड़े निष्क्रिय खातों, उनमें जमा राशि और ऑटो-सेटलमेंट की स्थिति की जानकारी भी मांगी गई थी। हालांकि EPFO ने RTI Act की धारा 8(1)(e) का हवाला देते हुए यह जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया। इसके अलावा, ₹5 लाख से अधिक राशि वाले निष्क्रिय खातों का डेटा भी उपलब्ध नहीं कराया गया। संगठन का कहना है कि यह जानकारी मांगे गए प्रारूप में उपलब्ध नहीं है।
EPFO की नई योजना से क्या उम्मीद?
केंद्र सरकार द्वारा लागू EPF Scheme 2026 का उद्देश्य भविष्य निधि व्यवस्था को अधिक डिजिटल, सरल और पारदर्शी बनाना है। माना जा रहा है कि नई व्यवस्था से करोड़ों EPFO सदस्यों को लाभ मिलेगा और भविष्य में निष्क्रिय खातों की संख्या कम करने में भी मदद मिल सकती है।










