सोशल संवाद / रांची : झारखंड के ग्रामीण इलाकों के विकास को नई गति देने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार आने वाले वर्षों में गांवों के समग्र विकास पर करीब 14 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की योजना पर काम कर रही है। इस राशि का उपयोग ग्रामीण सड़कों, पेयजल, सिंचाई, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा।

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ग्रामीण आधारभूत ढांचे को किया जाएगा मजबूत
सरकार का उद्देश्य गांवों में ऐसी आधारभूत सुविधाएं विकसित करना है, जिससे लोगों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके और ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन कम हो। विकास योजनाओं के तहत सड़क संपर्क, जलापूर्ति, नाली निर्माण, सामुदायिक भवन, स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी।
कई विभाग मिलकर करेंगे काम
ग्रामीण विकास की इस व्यापक योजना में विभिन्न सरकारी विभागों की भागीदारी होगी। अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से गांवों में अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के साथ नई विकास योजनाओं की भी शुरुआत की जाएगी। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराकर संतुलित विकास सुनिश्चित करना है।
रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर होने वाले विकास कार्यों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सड़क, भवन और अन्य निर्माण कार्यों में बड़ी संख्या में लोगों को काम मिलने की संभावना है। साथ ही बेहतर कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचे से कृषि, छोटे उद्योग और ग्रामीण कारोबार को भी मजबूती मिलेगी।
ग्रामीण विकास पर सरकार का फोकस
राज्य सरकार का कहना है कि गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना उसकी प्राथमिकता है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चरणबद्ध तरीके से परियोजनाएं लागू की जाएंगी, ताकि प्रत्येक जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक विकास का लाभ पहुंच सके। इसके जरिए गांवों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति देने का लक्ष्य रखा गया है।










