सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य में साइकिल और दोपहिया वाहन (बाइक) निर्माण इकाइयों की स्थापना की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार का मानना है कि झारखंड न केवल उत्पादन के लिए उपयुक्त राज्य है, बल्कि साइकिल और बाइक का बड़ा उपभोक्ता बाजार भी है, जिससे निवेशकों को बेहतर अवसर मिल सकते हैं।

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राज्य सरकार के अनुसार झारखंड में बड़ी संख्या में लोग रोजमर्रा की आवाजाही के लिए साइकिल और मोटरसाइकिल का उपयोग करते हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इन वाहनों की लगातार बढ़ती मांग के कारण राज्य देश के प्रमुख बाजारों में गिना जाता है। इसी संभावित बाजार को देखते हुए यहां मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि यदि राज्य में साइकिल और बाइक निर्माण फैक्ट्रियां स्थापित होती हैं तो इससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही ऑटोमोबाइल और साइकिल उद्योग से जुड़े छोटे एवं मध्यम उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
झारखंड में पहले से मौजूद बेहतर सड़क और रेल संपर्क, खनिज संसाधन तथा औद्योगिक आधार भी निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। सरकार निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं और अनुकूल औद्योगिक माहौल उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है, ताकि नए उद्योगों की स्थापना में तेजी लाई जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना धरातल पर उतरती है तो झारखंड ऑटोमोबाइल और साइकिल निर्माण के क्षेत्र में पूर्वी भारत का महत्वपूर्ण हब बन सकता है। इससे राज्य में निवेश बढ़ेगा, रोजगार सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।










