सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड सरकार राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए ‘झारखंड विजन 2050’ पर तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में आयोजित राष्ट्रीय स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन में आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल गवर्नेंस, निवेश और पर्यटन से जुड़ी महत्वपूर्ण नीतियों पर अंतिम रूप देने की दिशा में मंथन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य झारखंड को निवेश, तकनीक और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है।

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IT, AI और डिजिटल गवर्नेंस पर रहेगा विशेष फोकस
कार्यक्रम के पहले दिन आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल गवर्नेंस और AI आधारित विकास पर विशेषज्ञों, उद्योग जगत और सरकारी अधिकारियों के बीच विस्तृत चर्चा होगी। साथ ही राज्य की प्रस्तावित AI पॉलिसी और तकनीकी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा। कई प्रमुख कंपनियों के साथ समझौता (MoU) होने की भी संभावना है।
निवेश और रोजगार बढ़ाने पर जोर
दूसरे दिन उद्योग, निवेश, पर्यटन और समावेशी विकास को लेकर रोडमैप तैयार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य नए निवेश आकर्षित करना, उद्योगों को बढ़ावा देना और राज्य के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। इस दौरान निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए जाएंगे।
कई नई नीतियों का ड्राफ्ट होगा पेश
स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन में AI Policy, Investment Promotion Policy, Tourism Policy, Textile Policy, PPP Policy समेत कई महत्वपूर्ण नीतियों के प्रारूप प्रस्तुत किए जाएंगे। इन पर उद्योग जगत और विशेषज्ञों की राय लेकर अंतिम रूप दिया जाएगा।
‘विजन 2050’ से बदलेगी झारखंड की तस्वीर
सरकार का मानना है कि झारखंड विजन 2050 राज्य को तकनीक, उद्योग, पर्यटन और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का रोडमैप साबित होगा। इससे निवेश बढ़ने के साथ-साथ नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।










