सोशल संवाद / जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही संक्रमित मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। मंगलवार को जिले में 10,202 लोगों की जांच में 112 मरीज मिले थे, जबकि बुधवार को जांच बढ़ाकर 12,518 की गई। इसके बाद एक ही दिन में 128 नए मलेरिया मरीजों की पुष्टि हुई।

यह भी पढे : बर्मामाइंस से भी बुक होगी महिला व दिव्यांग की टिकट
बुधवार को मिले मरीजों में सर्वाधिक 44 पोटका में पाए गए। इसके अलावा डुमरिया में 20, घाटशिला में 19, मुसाबनी में 15, पटमदा में 13, सदर अस्पताल क्षेत्र में आठ, धालभूमगढ़ में पांच, जुगसलाई में तीन तथा बिरसानगर शहरी क्षेत्र में एक मरीज मिला। वहीं, बहरागोड़ा, चाकुलिया और मानगो में भी जांच की गई, लेकिन इन तीनों क्षेत्रों में एक भी मलेरिया मरीज नहीं मिला।
पटमदा : 79 लोगों की जांच में 7 मरीज मिले पॉजिटिव
पटमदा प्रखंड में मलेरिया विशेष जांच एवं जागरूकता अभियान चलाया गया। बुधवार को विभिन्न गांवों में लगाए गए शिविरों में 79 लोगों की जांच की गई, जिसमें 7 लोग मलेरिया संक्रमित पाए गए। इनमें 6 मरीज प्लाज्मोडियम विवैक्स (पीवी) और एक प्लाज्मोडियम फैल्सीपेरम (पीएफ) से संक्रमित मिला। सभी मरीजों को मौके पर ही दवा देकर उपचार शुरू कर दिया गया।
लापरवाही पर पोटका सीएचसी प्रभारी डॉ. रजनी निलंबित
सेरेब्रल मलेरिया के प्रकोप से पांच मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को पहली कार्रवाई करते हुए पोटका के सीएचसी प्रभारी डॉ. रजनी महाकुड़ को निलंबित कर दिया। नए प्रभारी उसी सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डॉ. सुकांत सीट को बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव के निर्देश के बाद बुधवार को जिला के सिविल सर्जन ने इस संबंध में पत्र जारी कर दिया। डॉ. रजनी को निलंबन अवधि के दौरान क्षेत्रीय उपनिदेशक कार्यालय दुमका में योगदान देने को कहा गया है।










