सोशल संवाद / डेस्क : राजधानी पटना से सूबे के चार शहरों- आरा, गया जी, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर के लिए रैपिड रेल सेवा शुरू होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के तहत इन शहरों के लिए रैपिड रेल कॉरिडोर की डीपीआर बनाने पर मुहर लगी।

सरकार के इस फैसले से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र मॉडल की तर्ज पर ग्रेटर पटना मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के विकास को बल मिलेगा। साथ ही सैटेलाइट टाउनशिप योजना को विकसित करने में भी मदद मिलेगी। डीपीआर समेत तमाम प्रक्रिया एक साल में पूरी कर ली जाएगी। दिसंबर 2028 तक चारों कॉरिडोर पर ट्रेनें दौड़ने लगेंगी।
कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने चार प्रमुख कॉरिडोरों को चिह्नित किया है। इनमें पटना-गयाजी, पटना एयरपोर्ट-बेगूसराय , पटना-हाजीपुर-प्रस्तावित सोनपुर एयरपोर्ट-मुजफ्फरपुर कॉरिडोर तथा पटना एयरपोर्ट-आरा कॉरिडोर शामिल है। नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि इसका डीपीआर बनाने का जिम्मा एनसीआरटीसी को दिया जाएगा।
मोतीपुर में नई चीनी मिल
मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में नई चीनी मिल खुलेगी। साथ ही यहां गन्ना अनुसंधान संस्थान भी खुलेगा। वहां बंद पुरानी चीनी मिल के स्थान पर [2] ही नई मिल खुलेगी। इसके लिए इंडियन पोटाश लिमिटेड से 266 एकड़ जमीन वापस लेने के निर्णय पर कैबिनेट ने सहमति प्रदान की।
मधुबनी-मुंगेर, मुजफ्फरपुर में केन्द्रीय विद्यालय खुलेंगे
राज्य मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में तीन नये केन्द्रीय विद्यालयों के लिए जमीन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके तहत मधुबनी के लखनौर, मुंगेर सदर और मुजफ्फरपुर के मुशहरी में नवीन केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना होगी। इन तीन जिलों में नये केन्द्रीय विद्यालयों के लिए उद्योग विभाग [3] के आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार की 5-5 एकड़ जमीन केंद्रीय विद्यालय संगठन को 1-1 रुपए के टोकन मूल्य पर 30 वर्षों के लिए लीज पर दी जाएगी।
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि मधुबनी के लखनौर अंचल के मौजा बेहट (अदलपुर) में पांच एकड़ जमीन की पहचान की गयी है। इसी तरह मुंगेर। मुंगेर के सदर अंचल के मौजा मय में और मुजफ्फरपुर के मुशहरी अंचल के मुशहरी उर्फ राधानगर मौजा में भी पांच एकड़ जमीन केन्द्रीय विद्यालय के लिए दिये जाएंगे।
सरकारी भवनों पर 500 मेगावाट के सौर प्लांट लगेंगे
सरकारी भवनों के ऊपर 500 मेगावाट के सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। जल जीवन हरियाली अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 2025 से 2029-30 तक राज्य के सरकारी या सरकार के अधीन भवनों पर 500 मेगावाट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर का प्लांट रेस्को मोड में लगाया जाएगा।
इसके साथ ही रेस्को डेवलपर के साथ सौर ऊर्जा संयंत्रों से उत्पादित बिजली की खरीद के लिए पावर पर्चेज एग्रीमेंट भी किया जाएगा। इस समय 13 हजार सरकारी भवनों से 118 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। इस साल के अंत तक दो हजार अतिरिक्त भवनों पर सौर ऊर्जा का उत्पादन शुरू होगा।










