सोशल संवाद / नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल गुरुवार को शाम 4 बजे जंतर मंतर पर जाकर 17 दिन से अनशन पर बैठे समाजसेवी सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनके अनशन का समर्थन करेंगे।

यह जानकारी साझा करते हुए आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और पूरी आम आदमी पार्टी देश के युवाओं की लड़ाई लड़ रहे सोनम वांगचुक के साथ है। पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की हालत बिगड़ती जा रही है, फिर भी वे अनशन तोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।
संजीव झा ने कहा कि सोनम वांगचुक का संघर्ष किसी निजी हित के लिए नहीं, बल्कि देश के युवाओं, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और रोजगार के अधिकार के लिए है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आइए, हम भी बड़ी संख्या में पहुँच कर इस जन आंदोलन का हिस्सा बनें। युवाओं के भविष्य, ईमानदार परीक्षा व्यवस्था और जवाबदेही की इस लड़ाई में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं।
संजीव झा ने कहा कि सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर पर लगातार अनशन करते हुए 17 दिन हो गए हैं। सोनम वांगचुक वह व्यक्तित्व हैं जिन्होंने अपना पूरा जीवन निस्वार्थ भाव से समाज के लिए समर्पित किया है। लद्दाख में चाहे जल संरक्षण का विषय हो या पहाड़ों का सतत विकास, उन्होंने समाज को बेहतर करने में हमेशा अहम भूमिका निभाई है। उनके काम और व्यक्तित्व से प्रेरित होकर ही ‘थ्री इडियट्स’ फिल्म बनी थी। ऐसा विराट व्यक्तित्व वाला व्यक्ति आज फिर जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठा है।
संजीव झा ने कहा कि सोनम वांगचुक का यह अनशन खुद के लिए नहीं है, क्योंकि उनके बच्चों को कोई सरकारी परीक्षा नहीं देनी है। वे इस देश के नौजवानों और जेन-जी पीढ़ी के लिए अनशन पर बैठे हैं, क्योंकि सरकार निरंकुश हो गई है और किसी की बात नहीं सुन रही है। लगातार परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं और बच्चों में टैलेंट होने के बावजूद उन्हें नौकरी नहीं मिल रही है। अगर इस देश के युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा और वे विकास की रफ्तार के साथ कदम मिलाकर नहीं चल पाएंगे, तो देश आगे नहीं बढ़ सकता। इसी चिंता को लेकर सोनम वांगचुक अनशन कर रहे हैं।
संजीव झा ने बताया कि अनशन के कारण सोनम वांगचुक की हालत बहुत खराब है। मैं दो दिन पहले जंतर-मंतर गया था और उनकी स्थिति देखी थी। हम सबने उनसे अनशन तोड़ने का अनुरोध किया था, लेकिन उनकी जिद है कि यह लड़ाई इस देश के नौजवानों और बच्चों की है, इसलिए जब तक इसे इसके अंजाम तक नहीं पहुंचा देते, वे यह लड़ाई लड़ते रहेंगे।
संजीव झा ने कहा कि मैंने जंतर-मंतर पर देखा कि वहां लोगों की सहभागिता उतनी नहीं है जितनी होनी चाहिए। “आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल गुरुवार शाम 4 बजे जंतर-मंतर जा रहे हैं। यह हम सबकी और देश के उन सभी नौजवानों की जिम्मेदारी है जिन्हें लगता है कि सोनम वांगचुक की लड़ाई सही है। जब वे युवाओं के लिए अपनी जान देने को तैयार हैं, तो क्या हम सब उनके साथ खड़े भी नहीं हो सकते? इसीलिए मेरा सभी से निवेदन है कि गुरुवार को जब अरविंद केजरीवाल वहां जाएं, तो सभी लोग सोनम वांगचुक के समर्थन में जंतर-मंतर चलें।
संजीव झा ने कहा कि सरकार के अहंकार और तानाशाही के खिलाफ सोनम वांगचुक जिस लड़ाई को लड़ रहे हैं, उसके समर्थन में दिल्ली और देश भर से लोगों को गुरुवार शाम 4 बजे पहुंचना चाहिए। सिर्फ गुरुवार को ही नहीं, बल्कि जब तक परीक्षाओं के पेपर लीक होना बंद नहीं हो जाते और ठीक से परीक्षा न करा पाने वाले नकारा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक सभी को सोनम वांगचुक के साथ मिलकर डटकर लड़ना होगा।










