सोशल संवाद / डेस्क : सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमोने सफदरजंग अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को पत्र लिखकर उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल ने मेडिकल जांच रिपोर्ट की कॉपी देने से इनकार कर दिया और वांगचुक की निगरानी कर रहे नियमित डॉक्टरों को भी मिलने की अनुमति नहीं दी गई.

पत्र में कहा गया कि वांगचुक का पोटेशियम स्तर 4.3 से घटकर 2.9 हो गया है, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई है. पारदर्शिता की कमी का हवाला देते हुए उन्होंने बेहतर इलाज के लिए दूसरे मेडिकल सेंटर में स्थानांतरित करने और जल्द डिस्चार्ज प्रक्रिया पूरी करने का अनुरोध किया है. इस बीच, अस्पताल और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है.
पोटेशियम लेवल को लेकर जताई चिंता
शनिवार सुबह अस्पताल की मेडिकल टीम ने बताया कि सोनम वांगचुक का पोटेशियम स्तर घटकर 2.9 रह गया है, जबकि 17 जुलाई की शाम 4:16 बजे हुई जांच में यह 4.3 था. इस अचानक आई गिरावट पर भी सवाल उठाए गए हैं.
जांच रिपोर्ट नहीं देने का आरोप
गीतांजलि जे. आंगमोने आरोप लगाया कि उन्होंने अस्पताल प्रशासन से सोनम वांगचुक की मेडिकल जांच रिपोर्ट की डिजिटल और हार्ड कॉपी मांगी थी, लेकिन उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 20 दिनों से वांगचुक की सेहत पर नजर रखने वाले नियमित डॉक्टरों को भी उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई.
बेहतर इलाज के लिए दूसरे मेडिकल सेंटर ले जाने की तैयारी
पारदर्शिता की कमी और मेडिकल जानकारी साझा नहीं किए जाने के कारण परिवार का अस्पताल पर भरोसा कम हो गया है. ऐसे में वांगचुक को बेहतर इलाज और सटीक मेडिकल जांच के लिए दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा. इसके लिए अस्पताल प्रशासन से जल्द से जल्द सभी औपचारिकताएं पूरी करने का अनुरोध किया गया है.
अस्पताल में भर्ती होने के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
सोनम वांगचुक को भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ने पर शनिवार को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसके बाद जंतर-मंतर, अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. दिल्ली पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है. कई जगह बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही भी नियंत्रित की गई.
पुलिस ने क्या कहा?
नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश, मेडिकल सलाह और स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए वांगचुक को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. दिल्ली पुलिस ने कहा कि अस्पताल ले जाते समय कुछ प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की थी, लेकिन पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की गई.
पुलिस ने लाठीचार्ज और बल प्रयोग के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि किसी प्रदर्शनकारी को हिरासत में नहीं लिया गया और न ही किसी के साथ दुर्व्यवहार किया गया. साथ ही प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक जंतर-मंतर खाली करने की अपील भी की गई.










