सोशल संवाद / डेस्क : केंद्र सरकार ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान को कानूनी सुरक्षा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में एक नया विधेयक पेश किए जाने की तैयारी है। प्रस्तावित कानून में वंदे मातरम् का अपमान करने पर तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान रखा गया है।

यह विधेयक संसद के मानसून सत्र के पहले दिन चर्चा का प्रमुख विषय बन सकता है।
क्या है प्रस्तावित विधेयक?
प्रस्तावित कानून का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान और गरिमा की रक्षा करना है। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रीय गीत का अपमान करता है, उसका सार्वजनिक रूप से अनादर करता है या उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कार्य करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।
प्रस्ताव के अनुसार दोषी पाए जाने पर अधिकतम तीन वर्ष की कैद, जुर्माना या दोनों की सजा दी जा सकती है।
राज्यसभा में पेश हो सकता है बिल
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद के मानसून सत्र के दौरान इस विधेयक को राज्यसभा में पेश कर सकते हैं। सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रीय गीत के सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट कानूनी व्यवस्था जरूरी है।
राष्ट्रीय सम्मान को लेकर सरकार का संदेश
सरकार का मानना है कि राष्ट्रीय गीत देश की सांस्कृतिक विरासत और सम्मान का प्रतीक है। ऐसे में इसके अपमान को रोकने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान आवश्यक हैं। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य राष्ट्रीय भावना को मजबूत करना और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।
बिल पर संसद में हो सकती है चर्चा
विधेयक पेश होने के बाद इस पर संसद के दोनों सदनों में चर्चा होने की संभावना है। चर्चा और पारित होने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह कानून लागू होगा।









