सोशल संवाद /डेस्क : जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस ने बड़ा दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन की आड़ में राजधानी का माहौल बिगाड़ने की साजिश रची जा रही थी। खुफिया इनपुट मिलने के बाद साउथ और साउथ ईस्ट जिला पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर छात्र बनकर जंतर-मंतर जाने वाले करीब 400 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इनमें से दो युवकों के बैग से पिस्टल और चाकू बरामद होने का दावा किया गया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

स्टूडेंट बनकर घुसे संदिग्ध
डीसीपी डॉ. हेमंत तिवारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग स्टूडेंट बनकर जंतर-मंतर पहुंचकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की तैयारी में हैं। इनपुट के आधार पर बदरपुर, सनलाइट कॉलोनी, निजामुद्दीन, लाजपत नगर समेत कई थाना क्षेत्रों में विशेष पिकेट लगाकर गाड़ियों और संदिग्ध लोगों की सघन जांच शुरू की गई। तलाशी लेने पर दो लोगों के बैग से एक पिस्टल और चाकू बरामद हुए। दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वे हथियार लेकर जंतर-मंतर क्यों जा रहे थे और उनके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो नहीं है।
करीब 350 संदिग्ध पकड़े
डीसीपी ने बताया कि अभियान के दौरान करीब 350 संदिग्ध लोगों को पकड़ा है। वहीं कई लोगों को सत्यापन के बाद छोड़ दिया गया। वहीं डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के इनपुट के बाद उनके जिले में भी विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान 40 संदिग्ध लोगें को पकड़ा है। पूछताछ के बाद जिनके खिलाफ कोई आपत्तिजनक तथ्य नहीं मिले, उन्हें छोड़ दिया गया।
दिल्ली पुलिस पर छात्रों ने लगाए आरोप
इस बीच जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुछ छात्रों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। वायरल विडियो में तीन छात्रों ने आरोप लगाया कि वे ऑटो से जंतर-मंतर जा रहे थे, तभी निजामुद्दीन के पास पुलिस ने उन्हें रोककर थाने ले गई। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि किसी भी छात्र को केवल छात्र होने के कारण नहीं रोका गया। जांच और सत्यापन की कार्रवाई संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ की गई।
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इंटरनेट सेवाएं बंद, दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका
जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान सेंट्रल दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने के खिलाफ शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई। याचिकाकर्ता की ओर से मामले का तत्काल जिक्र किए जाने पर हाई कोर्ट ने उसी दिन सुनवाई के लिए सहमति दे दी, लेकिन कुछ औपचारिक कमियों के कारण याचिका सुनवाई के लिए लग नही सकी। लीगल सर्विस संगठन सॉफ्टवेयर फ्रीडम लॉ सेंटर, इंडिया (SFLC.in) ने याचिका में जंतर मंतर इलाके में इंटरनेट सर्विसेज बंद करने को चुनौती दी है।









