सोशल संवाद : नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर जेपीएससी सदस्य जमाल अहमद को पदमुक्त कर उनकी आय की जांच एसीबी से कराने की मांग की है। पत्र में लिखा है कि जमाल ने विगत कुछ वर्षों में अपने पद का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर चल व अचल संपत्ति का विशाल साम्राज्य खड़ा कर लिया है। अभी रांची में उनके पास 3000 से 4000 वर्गफुट का एक आलीशान फ्लैट है।

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सूचना है कि वे शहर में एक अन्य बड़े फ्लैट की भी तलाश कर रहे हैं। हजारीबाग जिले में भी बड़े पैमाने पर बेनामी व अचल संपत्तियां अर्जित करने की चर्चा है। मरांडी ने पत्र में लिखा है कि जमाल पूर्व में एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे। इसके बाद 2008 में उनकी नियुक्ति लेक्चरर पद पर हुई। लेक्चरर बहाली की जांच सीबीआई कर रही है। किसी व्यक्ति की नियुक्ति प्रक्रिया जांच एजेंसियों के दायरे में हो तो उसे जेपीएससी जैसी सर्वोच्च संस्था का सदस्य नहीं बनाया जा सकता।
संपत्ति का ब्योरा पांच दिन में सामने रखूंगा : जमाल
झारखंड लोक सेवा आयोग के सदस्य डॉ. जमाल अहमद ने उन पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार, असत्य और राजनीति से प्रेरित बताया है। शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता सर्वोपरि है और इसी भावना के तहत वह अगले पांच दिनों के भीतर अपनी समस्त चल-अचल संपत्ति तथा आय का पूरा विवरण सार्वजनिक करेंगे।









