सोशल संवाद/ डेस्क: भारतीय स्क्वैश के लिए ऐतिहासिक पल सामने आया है। 18 वर्षीय अनाहत सिंह ने वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। फाइनल मुकाबले में अनाहत ने मिस्र की रुकय्या सलेम (Ruqayya Salem) को सीधे गेमों में हराकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की।
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भारत के नाम दर्ज हुआ नया इतिहास

अनाहत सिंह की इस जीत ने भारतीय स्क्वैश को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। अब तक कोई भी भारतीय खिलाड़ी जूनियर विश्व स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब नहीं जीत पाया था। अनाहत ने यह रिकॉर्ड अपने नाम कर देश को गौरवान्वित किया है।
उनकी शानदार जीत ने यह भी साबित कर दिया कि भारतीय खिलाड़ी अब विश्व स्तर पर स्क्वैश में नई पहचान बना रहे हैं।
मिस्र के 15 साल के वर्चस्व का हुआ अंत
स्क्वैश की दुनिया में मिस्र लंबे समय से सबसे मजबूत देशों में गिना जाता है। वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में भी मिस्र का पिछले 15 वर्षों से दबदबा कायम था। लेकिन अनाहत सिंह ने फाइनल में मिस्र की रुकय्या सलेम को हराकर इस लंबे वर्चस्व को समाप्त कर दिया।
यह जीत केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय स्क्वैश के लिए भी ऐतिहासिक मील का पत्थर मानी जा रही है।
भारतीय खेलों के लिए बड़ी उपलब्धि
अनाहत सिंह ने अपने बेहतरीन खेल, आत्मविश्वास और आक्रामक प्रदर्शन से पूरे टूर्नामेंट में प्रभावित किया। फाइनल में उन्होंने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और सीधे गेमों में जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह जीत आने वाले वर्षों में भारतीय स्क्वैश को नई दिशा दे सकती है और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
देशभर से मिल रही बधाइयां
अनाहत सिंह की ऐतिहासिक जीत के बाद खेल जगत, पूर्व खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की ओर से उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं। सोशल मीडिया पर भी उनकी उपलब्धि की जमकर सराहना की जा रही है। खेल विशेषज्ञ उन्हें भारतीय स्क्वैश का नया सितारा और भविष्य की बड़ी उम्मीद बता रहे हैं।
अनाहत की यह उपलब्धि भारतीय खेल इतिहास में एक सुनहरे अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है।









