सोशल संवाद / नई दिल्ली: देशभर में सामाजिक जागरूकता, एकता, शिक्षा और अधिकारों के संदेश को लेकर निकाली गई बंजारा एकता संकल्प यात्रा का भव्य समापन दिल्ली में हुआ। दिल्ली कर्नाटक संघ के सभा भवन में आयोजित समापन समारोह में संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक नेताओं और देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे हजारों समाजबंधुओं ने हिस्सा लिया।

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कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सत्य कुमार यादव ने कहा कि शिक्षा, संगठन और सामाजिक जागरूकता ही बंजारा समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने समाज के लोगों से शिक्षा को प्राथमिकता देने, नशामुक्त जीवन अपनाने और सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने का आह्वान किया।
7 हजार किलोमीटर की यात्रा, 18 राज्यों में पहुंचा संदेश
बंजारा एकता संकल्प यात्रा की शुरुआत 5 जुलाई 2026 को आंध्र प्रदेश के सेवागढ़ (गुत्ती), संत सेवालाल महाराज की जन्मस्थली से हुई थी। 21 दिनों तक चली यह यात्रा करीब 7,000 किलोमीटर का सफर तय करते हुए 18 राज्यों और 80 से अधिक जिलों से होकर दिल्ली पहुंची।
यात्रा का उद्देश्य बंजारा समाज में एकता, शिक्षा, सामाजिक सुधार, संवैधानिक अधिकारों और राष्ट्रीय समरसता का संदेश पहुंचाना था।
संत सेवालाल महाराज के विचारों को अपनाने की अपील
समापन समारोह को संबोधित करते हुए सत्य कुमार यादव ने सेवागढ़ से अपने भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने से पहले उन्होंने संत सेवालाल महाराज का आशीर्वाद लिया था और समाज के सहयोग से उन्हें जनसेवा का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि संत सेवालाल महाराज के विचार आज भी समाज को सही दिशा दिखाते हैं। युवाओं को शिक्षा के साथ आगे बढ़ने और समाज की मजबूती के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की जरूरत है।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि बंजारा समाज की छह प्रमुख मांगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
संगठन ही समाज की सबसे बड़ी ताकत: यात्रा संयोजक
बंजारा एकता संकल्प यात्रा के राष्ट्रीय संयोजक महाराज ने कहा कि समाज की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता और संगठन होता है।
उन्होंने समाज के लोगों से प्रेम, भाईचारे और आपसी सहयोग के साथ आगे बढ़ने की अपील की। साथ ही बताया कि आने वाले समय में विभिन्न राज्यों का दौरा कर समाज की समस्याओं को सरकार और जनप्रतिनिधियों के सामने लोकतांत्रिक तरीके से रखा जाएगा।
बंजारा समाज की छह प्रमुख मांगें रखी गईं
कार्यक्रम में पूर्व सांसद (कलबुर्गी) डॉ. उमेश जी. जाधव ने बंजारा एकता संकल्प यात्रा की छह प्रमुख मांगों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल एक सामाजिक यात्रा नहीं, बल्कि अधिकार और सम्मान के लिए एक बड़ा जनआंदोलन है।
समाज की प्रमुख मांगें:
- देशभर में सभी बंजारा उपसमूहों को समान रूप से अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा दिया जाए।
- गोर बोली को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए।
- राष्ट्रीय जातीय जनगणना में सभी उपसमूहों की पहचान “बंजारा” के नाम से दर्ज की जाए।
- बंजारा तांडों के विकास के लिए राष्ट्रीय बंजारा/तांडा विकास निगम की स्थापना की जाए।
- युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जुड़ी विशेष योजनाएं लागू की जाएं।
- संत सेवालाल महाराज की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कदम उठाए जाएं।
शिक्षित और सशक्त समाज बनाने का लिया संकल्प
समारोह के अंत में आयोजकों ने संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और देशभर से जुड़े समाजबंधुओं का आभार जताया।
कार्यक्रम में एक शिक्षित, संगठित, सशक्त और आत्मनिर्भर बंजारा समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया गया।









