सोशल संवाद / रांची : झारखंड में भाकपा माओवादियों के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा व केंद्रीय कमेटी सदस्य असीम मंडल दस्ते के 16 सदस्यों ने ऑपरेशन नवजीवन के तहत पुलिस मुख्यालय में मंगलवार को डीजीपी तदाशा मिश्रा समेत अन्य पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में सरेंडर कर दिया। पुलिस मुख्यालय में आयोजित समारोह में आईजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि चाईबासा में वर्तमान में मिसिर बेसरा को लेकर अभियान चल रहा है। उसके साथ सिर्फ दो माओवादी मेहनत उर्फ मोछू और गौरव हैं, जबकि दूसरे माओवादी सालुका कायम के साथ भी दो कैडर बचे हैं। इस तरह चाईबासा में अब सिर्फ छह माओवादी बचे हैं। हालांकि देर रात मिसिर बेसरा व उसके साथ दो माओवादियों की गिरफ्तारी पर अब तीन ही बचेंगे। पुलिस मुख्यालय में सरेंडर करनेवालों में 15 लाख का इनामी रीजनल कमेटी मेंबर संतोष उर्फ वासुदेव दा प्रमुख है। उसके खिलाफ राज्य में 128 माओवादी केस दर्ज हैं।

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गिरिडीह के पीरटांड निवासी संतोष ने एक इंसास, पांच मैगजीन और 136 राउंड कारतूस के साथ सरेंडर किया है। वहीं, 10 लाख के इनामी जोनल कमांडर चंदन लोहरा, जोनल कमांडर संतोष मांझी, जयकांत मुंडा ने एके 47 के साथ सरेंडर किया है। पुलिस मुख्यालय में सरेंडर करने वालों में सबजोनल कमांडर राजनाथ हांसदा, अनिल तुरी, सुखलाल बिरंजिया, सुदेश होनहागा, एतवारी मांझी उर्फ सुनोतो, देवान मुर्मू, सुमित्रा सुरीन, चंपा मंझियाइन, रिसिव, सालमी मुंडा, मुन्नी सुरीन, सीता मुंडा शामिल हैं।
कुल कितने हथियार के साथ सरेंडर
माओवादियों ने 6 इंसास, 2 एके 47, 1 एचके 33 राइफल, 1 यूएस कार्रबाइन राइफल, एम 16 राइफल के के साथ सरेंडर किया है। वहीं, 38 मैगजीन, 1562 राउंड जिंदा कारतूस के साथ माओवादियों ने सरेंडर किया है।









