सोशल संवाद / जमशेदपुर : सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SCCI) ने प्रस्तावित ढालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को जल्द आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। चैंबर के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को जमशेदपुर वन प्रमंडल के वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) सबा आलम अंसारी से शिष्टाचार मुलाकात कर एयरपोर्ट परियोजना के लिए वन भूमि हस्तांतरण (Forest Land Diversion) से जुड़े लंबित मामलों की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।

वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान एयरपोर्ट परियोजना के लिए प्रस्तावित 99.256 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण से संबंधित प्रगति की समीक्षा की गई। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने 9 जुलाई 2026 को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) द्वारा उठाए गए अधिकांश बिंदुओं का बिंदुवार अनुपालन प्रस्तुत कर दिया है। इसके तहत संशोधित लागत-लाभ विश्लेषण, परिचालन क्षेत्र का विवरण, KML फाइलें, जल-विज्ञान अध्ययन, वन्यजीव प्रबंधन योजना, मृदा संरक्षण उपाय सहित कई आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं। संबंधित दस्तावेज PARIVESH पोर्टल पर भी अपलोड किए जा चुके हैं।
कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर राज्य स्तर से मांगी गई थी जानकारी
हालांकि, कुछ तकनीकी और पर्यावरणीय जानकारियां ऐसी थीं जिन्हें केवल जमशेदपुर वन प्रमंडल एवं राज्य वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाना था। इनमें हाथी गलियारों (GAJAH) का विवरण, पिछले पांच वर्षों के मानव-हाथी संघर्ष के आंकड़े, अनुसूची-I वन्यजीव प्रजातियों की स्थिति, वन्यजीव आवास पर प्रभाव, DSS (Decision Support System) विश्लेषण तथा यह परीक्षण शामिल था कि प्रस्तावित क्षेत्र किसी हाथी या बाघ गलियारे के अंतर्गत तो नहीं आता।
मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांगी गई शीघ्र कार्रवाई
इन लंबित बिंदुओं को तेजी से पूरा कराने के लिए SCCI ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर राज्य सरकार से आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया था। चैंबर ने आग्रह किया कि वन विभाग और DFO स्तर पर शेष औपचारिकताओं को जल्द पूरा कराया जाए ताकि केंद्रीय मंत्रालय में परियोजना की प्रक्रिया प्रभावित न हो।
DFO ने दिया सकारात्मक आश्वासन
बैठक के दौरान DFO सबा आलम अंसारी ने प्रतिनिधिमंडल को जानकारी दी कि उनके कार्यालय की ओर से सभी आवश्यक सूचनाएं और जवाब तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिए गए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वन प्रमंडल की ओर से परियोजना में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी और अब मामला राज्य वन विभाग तथा MoEF&CC के स्तर पर विचाराधीन है।
SCCI अध्यक्ष ने जताई संतुष्टि
सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष मानव केडिया ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि DFO कार्यालय और सबा आलम अंसारी की तत्परता सराहनीय है। उन्होंने कहा कि ढालभूमगढ़ एयरपोर्ट केवल एक आधारभूत संरचना परियोजना नहीं, बल्कि पूरे सिंहभूम क्षेत्र और झारखंड के आर्थिक विकास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि अब राज्य वन विभाग को प्राप्त सूचनाओं का शीघ्र परीक्षण कर उन्हें PARIVESH पोर्टल पर अपलोड करना चाहिए, ताकि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से वन स्वीकृति की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके।
उद्योग, निवेश और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मानव केडिया ने कहा कि ढालभूमगढ़ एयरपोर्ट बनने से जमशेदपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर हवाई संपर्क मिलेगा। इससे नए निवेश आकर्षित होंगे, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सोनारी एयरोड्रम अपनी सीमित क्षमता के कारण आधुनिक वाणिज्यिक विमान सेवाओं के संचालन के लिए पर्याप्त नहीं है।
राज्य सरकार से समयबद्ध निगरानी की मांग
चैंबर ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की कि राज्य स्तर पर इस परियोजना की नियमित और समयबद्ध निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि वन प्रमंडल से भेजे गए दस्तावेजों पर जल्द कार्रवाई हो और परियोजना को स्टेज-I एवं स्टेज-II वन स्वीकृति शीघ्र मिल सके।
SCCI ने वन विभाग, जमशेदपुर वन प्रमंडल, जिला प्रशासन और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के अब तक मिले सहयोग की सराहना करते हुए भरोसा जताया कि शेष प्रक्रिया भी निर्धारित समय में पूरी होगी। चैंबर ने दोहराया कि वह इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार, केंद्र सरकार और AAI के साथ हर संभव सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।









