सोशल संवाद / जमशेदपुर : सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुहाग की सलामती के लिए 15 अगस्त शनिवार को हरियाली तीज के व्रत रखकर शिव-पार्वती की पूजा आराधना करेंगी। मान्यता है कि माता पार्वती ने भी भगवान शिव को पाने के लिए हरियाली तीज का व्रत रखकर कठोर तपस्या की थी।

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तीज को श्रावणी तीज या सिंघारा हरियाली तीज भी कहा जाता है। मारवाड़ी समाज की महिलाएं इसे सिंधारा तीज के नाम से मनाती है। ये व्रत हर साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता है। इस साल 15 अगस्त को हरियाली तीज का व्रत रखा जाएगा। महिलाएं व्रत करने के लिए एक माह पहले से तैयारी में जुट जाती है। हरियाली तीज को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह है।
एक पुत्र वाली माताओं ने मां दौड़ासिनी मंदिर में की पूजा
पटमदा बाजार स्थित प्रसिद्ध मां दौड़ासिनी मंदिर में मंगलवार को विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर पटमदा, बोडाम तथा पश्चिम बंगाल के बांदोवान और बराबाजार से बड़ी संख्या में एक पुत्र वाली माताएं मंदिर पहुंचीं। उन्होंने अपने पुत्र की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना के लिए मां दौड़ासिनी की विधिवत पूजा-अर्चना की।
बाजारों में पट गईं हरे रंग की चूड़ियां, बढ़ी रौनक
हरियाली तीज, कजरी तीज को लेकर बाजार की रौनक बढ़ गई है। सावन से ही बाजारों में हरे रंग की डिमांड है। तीज और सावन को लेकर महिलाएं बढ़-चढ़कर खरीदारी कर रही हैं। हरे रंग को प्राथमिकता देते हुए हरे रंग की विशेष स्टॉक मंगवाए गए हैं। साड़ी से लेकर ड्रेस मटेरियल तक हरे रंग में रंगे हैं। चूड़ी-लहठी का बाजार भी महिलाओं को खूब लुभा रहा है। 10 से शुरू होकर 5000 तक के चूड़ियों का बाजार सजकर तैयार है।









