सोशल संवाद/डेस्क : अगर आपको पिछले कुछ महीनों में किराने का सामान खरीदते समय ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं, तो इसकी वजह बढ़ती महंगाई है। बीते छह महीनों में रोजमर्रा की जरूरत वाली कई खाद्य वस्तुओं और FMCG (फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स) उत्पादों की कीमतों में 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है।

यह भी पढे : हाईकोर्ट गंभीर जेपीएससी अध्यक्ष का पद रिक्त रहने पर सरकार से मांगा जवाब
कारोबारियों का कहना है कि मध्य-पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़े असर के कारण कई सामान महंगे हुए हैं। इसका सीधा असर अब आम लोगों की रसोई पर दिखाई देने लगा है।
सबसे ज्यादा बढ़ोतरी सरसों तेल की कीमत में हुई है। फरवरी में जो तेल 170 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था, अब उसकी कीमत करीब 185 रुपये प्रति लीटर हो गई है।इसके अलावा अरहर दाल 125 रुपये से बढ़कर 130 रुपये प्रति किलो, आटा 34 रुपये से 36 रुपये प्रति किलो और बाबा ब्रांड चावल 40 रुपये से बढ़कर 42 रुपये प्रति किलो हो गया है।
रोजाना इस्तेमाल होने वाला नमक भी 30 रुपये से बढ़कर 32 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। वहीं चीनी 50 से 55 रुपये प्रति किलो और गुड़ 50 से बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।व्यापारियों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी लागत, परिवहन खर्च और कच्चे माल की कीमतों में उछाल का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ रहा है। अगर यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में कुछ और जरूरी सामान महंगे हो सकते हैं।
6 महीने में कितनी बढ़ीं कीमतें?
- नमक: ₹30 → ₹32 प्रति किलो
- बाबा ब्रांड चावल: ₹40 → ₹42 प्रति किलो
- अरहर दाल: ₹125 → ₹130 प्रति किलो
- आटा: ₹34 → ₹36 प्रति किलो
- सरसों तेल: ₹170 → ₹185 प्रति लीटर
- चीनी: ₹50 → ₹55 प्रति किलो
- गुड़: ₹50 → ₹65 प्रति किलो
मुख्य बातें
- 6 महीने में कई जरूरी खाद्य वस्तुएं 5–10% तक महंगी हुईं।
- सबसे ज्यादा असर खाद्य तेल, चीनी और गुड़ की कीमतों पर दिखा।
- महंगाई से आम लोगों की रसोई का मासिक बजट बढ़ा।
- व्यापारियों ने वैश्विक सप्लाई चेन और बढ़ती लागत को इसकी बड़ी वजह बताया।









