सोशल संवाद/डेस्क : जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ पर संयुक्त राष्ट्र (UN) ने एक बयान जारी किया है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि कश्मीर के लोगों के बुनियादी अधिकारों और स्वतंत्रताओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

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यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत ने 5 अगस्त 2019 को लिए गए उस ऐतिहासिक फैसले के सात साल पूरे होने पर वर्षगांठ मनाई। इसी दिन केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को मिला विशेष दर्जा समाप्त किया था और राज्य का पुनर्गठन करते हुए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया था।
संयुक्त राष्ट्र ने अपने बयान में लोगों के अधिकारों और कानून के शासन का सम्मान करने की बात दोहराई। हालांकि, उसने अपने पहले के रुख से अलग कोई नई टिप्पणी नहीं की।
वहीं, भारत सरकार का कहना है कि अनुच्छेद 370 हटाना पूरी तरह देश का आंतरिक मामला था। सरकार का दावा है कि इस फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर में विकास कार्यों, निवेश, पर्यटन और बुनियादी ढांचे में तेजी आई है।
अनुच्छेद 370 को हटाने का फैसला आज भी राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां सरकार इसे राष्ट्रीय एकीकरण और विकास की दिशा में बड़ा कदम मानती है, वहीं इस मुद्दे पर अलग-अलग पक्ष अपनी-अपनी राय रखते हैं।
मुख्य बातें
- अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ पर UN का बयान।
- संयुक्त राष्ट्र ने कश्मीर के लोगों के अधिकारों के सम्मान की बात कही।
- 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किया गया था।
- भारत सरकार इसे अपना आंतरिक मामला और विकास से जुड़ा फैसला मानती है।
- इस मुद्दे पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी है।









