सोशल संवाद / डेस्क : देश में छात्र आंदोलनों से लेकर रोजगार, शिक्षा और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर सबसे बुलंद आवाज जेन-जी की सुनाई दे रही है। इसी बीच जनसंख्या से जुड़े आंकड़े भी बताते हैं कि 2029 के लोकसभा चुनाव तक नेन-जी देश की सबसे बड़ी वयस्क आवादी बन जाएगी। ऐसे में यह वर्ग भारत की राजनीति और चुनावी समीकरणों में सबसे प्रभावशाली समूहों में शामिल होगा।

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इसका असर अभी से देखने को को मिल रहा है। राजनीतिक दल जेन-जी को रिझाने के लिए अपने कंटेंट और लीडरशिप की इमेज को बदल रहे हैं। प्रधानमंत्री भी इंस्टाग्राम पर सक्रिय हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र की विश्व जनसंख्या प्रॉस्पेक्ट्स 2024 के अनुसार, वर्ष 2026 में भारत में 14 से 29 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 40.7 करोड़ लोग हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक हैं।
हर तीन में से लगभग एक मतदाता जेन-जी
भारत के जनसंख्या प्रोजेक्शंस 2026 के विश्लेषण के अनुसार, 2026 में 18 वर्ष और उससे अधिक आयु की आबादी में 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग की हिस्सेदारी 29.2 प्रतिशत है। यानी देश का हर तीसरा पात्र मतदाता जेन जी से जुड़ा है। सबसे अधिक जेन-जी मतदाता हिस्सेदारी भारत में नहीं है। इथियोपिया में यह 41.8 प्रतिशत, नाइजीरिया में 41.4 प्रतिशत, पाकिस्तान में 37.3 प्रतिशत और बांग्लादेश में 32.3 प्रतिशत है।
सबसे बड़ी वयस्क आबादी
वर्ष 2029 तक 18 से 32 वर्ष आयु वर्ग की जेन-जी की आबादी 38 करोड़ होगी। इसमें 19.9 करोड़ पुरुष और 18.1 करोड़ महिलाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही यह पीढ़ी मिलेनियल्स को पीछे छोड़ते हुए देश की सबसे बड़ी व्यस्क आबादी बन जाएगी।
आबादी उम्रदराज हो रही
केन-जी सबसे बड़ा वयस्क वर्ग बनने जा रही है, लेकिन कुल मतदाताओं में में युवाओं की हिस्सेदारी धीरे-धीरे कम हो रही है क्योंकि देश की आबादी उम्रदराज हो रही है। 1988 में 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग देश की मतदान योग्य आबादी का 38.3 प्रतिशत था। 2024 में यह घटकर 30.1 प्रतिशत रह गया और संयुक्त राष्ट्र के मध्यम अनुमान के अनुसार, 2029 तक यह 27.8 प्रतिशत रह जाएगा। यानी दशक के अंत तक प्रत्येक चार पात्र मतदाताओं में एक मतदाता 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग का होगा।









