सोशल संवाद / चक्रधरपुर: गुदड़ी बाजार में 19 जून 2017 को हुई भीषण आगजनी के मामले में करीब नौ साल बाद एक बार फिर कार्रवाई तेज होती दिख रही है। आगजनी से प्रभावित 56 दुकानदारों को अब तक मुआवजा और राहत नहीं मिलने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने बड़ा कदम उठाया है।

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मानवाधिकार कार्यकर्ता बैरम खान की शिकायतों पर NHRC ने 6 अगस्त 2026 को कार्रवाई करते हुए झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (JUVNL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) को Action Taken Report (ATR) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। आयोग ने शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने और चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
2017 की आगजनी में 56 दुकानें हुई थीं प्रभावित
गुदड़ी बाजार में 19 जून 2017 को भीषण आगजनी हुई थी। इस घटना में 56 दुकानदारों की दुकानें जलकर राख हो गई थीं। प्रभावित दुकानदारों को मुआवजा और राहत नहीं मिलने का मामला पिछले कई वर्षों से उठाया जाता रहा है।
मानवाधिकार कार्यकर्ता बैरम खान के अनुसार, घटना के बाद से प्रभावित दुकानदारों को न्याय और राहत दिलाने के लिए विभागीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक लगातार दस्तावेजों के साथ मामला उठाया गया।
जिला प्रशासन की रिपोर्ट में क्या कहा गया?
NHRC के आदेश के अनुसार, वर्ष 2023 में आयोग की ओर से जिला प्रशासन से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी गई थी। जिला प्रशासन की रिपोर्ट में घटना को प्राकृतिक आपदा की श्रेणी में नहीं माना गया था। इसी वजह से SDRF के तहत मुआवजा नहीं दिए जाने की बात सामने आई थी।
रिपोर्ट में ऊर्जा विभाग से आवश्यक कार्रवाई किए जाने का भी उल्लेख किया गया था।
2018 में JUVNL CMD को भेजा गया था पत्र
आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, ऊर्जा विभाग ने 31 मई 2018 को OM संख्या 1283 के माध्यम से JUVNL के CMD को मामले में उचित कार्रवाई के लिए कहा था।
आदेश में उस समय आगजनी को शॉर्ट-सर्किट से संबंधित बताया गया था। हालांकि, अब इस मामले में आग लगने के वास्तविक कारण और पूर्व जांच की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
नौ वर्षों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे बैरम खान
मानवाधिकार कार्यकर्ता बैरम खान ने कहा कि 2017 की घटना के बाद से प्रभावित दुकानदारों के न्याय, राहत और मुआवजे के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में भी कई बार NHRC के समक्ष मामले की स्थिति और अब तक हुई कार्रवाई को लेकर शिकायतें एवं पत्र भेजे गए। आयोग के 6 अगस्त 2026 के आदेश में बैरम खान की ओर से वर्ष 2026 में भेजे गए विभिन्न पत्रों और शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है।
JUVNL को 4 सप्ताह में देनी होगी रिपोर्ट
NHRC ने अपनी कार्रवाई के तहत शिकायत को JUVNL के CMD के पास भेजते हुए मामले में जांच कराने और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
आयोग ने JUVNL से चार सप्ताह के भीतर Action Taken Report (ATR) प्रस्तुत करने को कहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद मामले को दोबारा आयोग के समक्ष रखा जाएगा।
आग के कारणों की निष्पक्ष जांच की मांग
बैरम खान ने कहा कि अब केवल पुराने पत्राचार को दोहराने के बजाय 56 प्रभावित दुकानदारों की वर्तमान स्थिति, आगजनी के वास्तविक कारण, पूर्व जांच और वर्ष 2018 में ऊर्जा विभाग की ओर से दिए गए निर्देशों पर हुई कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रभावित दुकानों में विद्युत कनेक्शन नहीं होने संबंधी दुकानदारों के शपथपत्र NHRC के समक्ष प्रस्तुत हैं, तो शॉर्ट-सर्किट को आग का कारण मानने के आधार की तकनीकी और अभिलेखीय जांच भी जरूरी है।
‘अब केवल रिपोर्ट नहीं, परिणाम चाहिए’
बैरम खान ने कहा कि करीब नौ वर्षों से 56 प्रभावित दुकानदार न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। NHRC द्वारा JUVNL से चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगा जाना निश्चित रूप से महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन अंतिम उद्देश्य तभी पूरा होगा जब प्रभावित दुकानदारों के नुकसान, राहत, मुआवजा और पुनर्वास के मुद्दे पर ठोस और न्यायपूर्ण निर्णय सामने आए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार मामले में केवल रिपोर्ट और पत्राचार तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रभावित दुकानदारों को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।









