सोशल संवाद /डेस्क : झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच में दावा किया गया है कि दो अलग-अलग परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लाखों रुपये में बेचे गए थे। इनमें एक पेपर के लिए 20 लाख रुपये और दूसरे के लिए 35 लाख रुपये तक वसूले जाने की बात सामने आई है।

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मामले के सामने आने के बाद झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच नाराजगी और बढ़ गई है। छात्र लंबे समय से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
20 और 35 लाख रुपये में हुई पेपर की डील?
जांच से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, दो परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के बाद उन्हें अलग-अलग रकम में बेचने का आरोप है। एक पेपर के लिए 20 लाख रुपये, जबकि दूसरे के लिए करीब 35 लाख रुपये में सौदा होने की बात सामने आई है।
हालांकि, पूरे मामले में जांच अभी जारी है और सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
छात्र आंदोलन के बीच सामने आया मामला
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्र पहले से ही आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और पेपर लीक या किसी भी तरह की अनियमितता में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
पेपर लीक को लेकर सामने आई नई जानकारी ने छात्रों के गुस्से को और बढ़ा दिया है। छात्रों का सवाल है कि अगर प्रश्नपत्र पैसे लेकर पहले ही उपलब्ध करा दिए जाते हैं, तो मेहनत से परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के साथ न्याय कैसे होगा?
जांच और कार्रवाई पर टिकी नजर
अब पूरे मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर नजर है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पेपर लीक का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
अगर आरोपों की पुष्टि होती है, तो पेपर लीक से जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी तेज हो सकती है।
फिलहाल 20 और 35 लाख रुपये में पेपर बिकने का दावा जांच के केंद्र में है और छात्रों को मामले में ठोस कार्रवाई का इंतजार है।









