सोशल संवाद / जमशेदपुर : गोलमुरी के केनरा बैंक में हुई करोड़ों की डकैती को लेकर शुक्रवार को एडीजी मनोज कौशिक शहर पहुंचे। उन्होंने बैंक जाकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा, एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब समेत एसआईटी मौजूद रही।
एडीजी ने बताया कि सभी पांच डकैतों पर दो-दो लाख इनाम की घोषणा की गई है। डकैतों की पहचान और पता बताने वालों को दो लाख इनाम दिया जाएगा और उनकी पहचान भी गुप्त रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ डकैतों की पहचान पुलिस ने कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। टीम को राज्य के बाहर भी भेजा गया है। घटना में स्थानीय की मदद से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने बैंक की सुरक्षा का जायजा लिया, जिसमें उन्हें कई खामियां मिली। जांच में पता चला कि बैंक का अलार्म सिस्टम कई महीनों से खराब था। किसी कर्मचारी को इसके लिए ट्रेनिंग भी नहीं दी गई थी। उन्होंने अलार्म सिस्टम को बजाकर भी देखा। इसके अलावा बैंक के सेफ की दो चाबियां अलग-अलग कर्मचारियों के पास होनी चाहिए थी, पर वह एक ही कर्मचारी के पास मिली। इसके बाद उन्होंने एसआईटी के साथ बैठक कर कई निर्देश भी दिए।
दूसरे राज्य की पुलिस से भी ली जाएगी मददः एडीजी ने बताया कि डकैत राज्य के बाहर के हैं, इसलिए दूसरे राज्यों की पुलिस से भी मदद ली जा रही है। पुलिस अबतक 250 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है। आरोपी जल्द ही गिरफ्त में होंगे। वहीं, शुक्रवार को बैंककर्मियों से बजे डीएसपी सिटी संजीव कुमार पहुंचे, इसके बाद एसएसपी और फिर एडीजी बैंक पहुंचे, जहां कर्मचारियों से पूछताछ कर सुरक्षा का जायजा लिया गया। इस दौरान बैंक को बंद कर रखा गया था।
650 पैकेट में रखे थे 23.80 किलो गहने
गोलमुरी केनरा बैंक शाखा में गुरुवार सुबह हुई डकैती में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। गोलमुरी थाने में दी गई शिकायत के आधार पर अज्ञात हथियारबंद अपराधियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। एफआईआर में बैंक से करीब 23.80 किलो सोना और लगभग 42 लाख रुपये नकद लुटेजाने की बात कही गई है। लूटे गए सोने की कीमत करीब 33.20 करोड़ रुपये है।
एफआईआर के मुताबिक, घटना 24 सितंबर की सुबह करीब 9.10 बजे से 10.18 बजे के बीच हुई। पांच हथियारबंद अपराधी पिस्तौल लेकर बैंक में घुसे। उन्होंने चपरासी और निजी सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की। कर्मचारियों के हाथ पैकिंग टेप से बांध दिए गए और मुंह पर भी टेप लगा दिया गया। कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों को बंधक बनाने के बाद अपराधी उन्हें स्ट्रांग रूम की ओर ले गए।
हथियार के बल पर स्ट्रांग रूम के चाबीधारक कर्मचारियों को वॉल्ट खोलने के लिए मजबूर किया गया। वॉल्ट में बैंक की नकदी के साथ ग्राहकों द्वारा स्वर्ण ऋण के लिए गिरवी रखे गए आभूषण रखे थे। अपराधी स्ट्रांग रूम में रखे करीब 650 स्वर्ण पैकेट लेकर फरार हुए।
एफआईआर में ये भी :
650 पैकेट में ग्राहकों के गिरवी रखे अंगूठी, चेन, कान के टॉप्स समेत अन्य स्वर्ण आभूषण थे। कुल वजन करीब 23.80 किलो और कीमत करीब 33.20 करोड़ बताई गई है।
स्ट्रांग रूम में रखी करीब 42 लाख रुपये की नकदी भी ले गए। सोना और नकदी करीब तीन बैग में भरकर ले जाई गई।
बैंक ने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य और उंगलियों के निशान जुटाने के साथ घायल अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों के बयान दर्ज करने का अनुरोध किया।











