सोशल संवाद / डेस्क : बॉलीवुड एक्ट्रेस Janhvi Kapoor ने अपनी पहचान और छवि के गलत इस्तेमाल को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उनके पक्ष में अहम अंतरिम राहत देते हुए ऑनलाइन मौजूद अश्लील और पोर्नोग्राफिक कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया है।

करीब 5 हजार पेज से हटेगा आपत्तिजनक कंटेंट
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Janhvi Kapoor की याचिका में इंटरनेट पर मौजूद हजारों URLs और वेब पेजों को लेकर शिकायत की गई थी। इनमें कथित तौर पर अश्लील, आपत्तिजनक और AI से तैयार किया गया फर्जी कंटेंट भी शामिल था। दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से अश्लील और पोर्नोग्राफिक सामग्री को हटाने का निर्देश दिया है।
6,884 URLs पर मांगी गई थी कार्रवाई
Janhvi Kapoor की ओर से अदालत में करीब 6,884 URLs का मुद्दा उठाया गया था। हालांकि, कोर्ट ने सभी URLs पर एक साथ blanket ban लगाने से इनकार किया। अदालत ने कहा कि हर तरह के ऑनलाइन कंटेंट को एक ही नजर से नहीं देखा जा सकता और गैरकानूनी सामग्री को स्पष्ट रूप से चिन्हित करना जरूरी है।
Personality Rights को लेकर कोर्ट की अहम टिप्पणी
सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने Personality Rights के बढ़ते इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि सार्वजनिक हस्तियों की पहचान और छवि की सुरक्षा जरूरी है, लेकिन इन अधिकारों का दायरा इतना व्यापक नहीं होना चाहिए कि वैध अभिव्यक्ति या फैन पेज भी इसकी चपेट में आ जाएं।
AI और Deepfake कंटेंट पर भी बढ़ी चिंता
इस मामले ने AI-generated और fake content के बढ़ते खतरे को भी सामने ला दिया है। किसी सेलिब्रिटी की तस्वीर या पहचान का इस्तेमाल करके फर्जी और अश्लील सामग्री तैयार करना अब डिजिटल सुरक्षा और प्राइवेसी से जुड़ा गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है।
Janhvi Kapoor का मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कई सार्वजनिक हस्तियां अपनी तस्वीर, नाम और डिजिटल पहचान के गलत इस्तेमाल के खिलाफ अदालतों का रुख कर रही हैं।
फैन पेज को लेकर कोर्ट ने नहीं दिया blanket आदेश
अदालत ने सभी फैन पेज को बंद करने की मांग पर भी सावधानी बरती। कोर्ट ने संकेत दिया कि किसी व्यक्ति के नाम या तस्वीर से जुड़े हर फैन पेज को गैरकानूनी नहीं माना जा सकता। इसलिए कार्रवाई को वास्तविक आपत्तिजनक या गैरकानूनी कंटेंट तक सीमित रखना जरूरी है।
Janhvi Kapoor को मिली अहम कानूनी राहत
दिल्ली हाईकोर्ट का यह आदेश Janhvi Kapoor के लिए डिजिटल स्पेस में अपनी पहचान और प्रतिष्ठा की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि Personality Rights के नाम पर इंटरनेट पर मौजूद हर प्रकार की अभिव्यक्ति को प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता।









