सोशल संवाद / जमशेदपुर : Arka Jain University (AJU) का वार्षिक स्वागत समारोह ‘आरम्भ 2026’ रविवार को जमशेदपुर के एक्सएलआरआई कैंपस स्थित टाटा ऑडिटोरियम में उत्साह और उमंग के साथ शुरू हुआ। कार्यक्रम में ‘सुपर 30’ के संस्थापक और प्रख्यात शिक्षाविद् आनंद कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को सफलता, संघर्ष, कौशल विकास और बेहतर करियर को लेकर कई महत्वपूर्ण मंत्र दिए।

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खचाखच भरे ऑडिटोरियम में विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए आनंद कुमार ने कहा कि किसी भी काम को केवल पूरा करने का लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे बेहतर से बेहतर करने की सोच विकसित करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से ‘वर्ल्ड क्लास’ सोच रखने और लगातार सीखते रहने का आह्वान किया।
संघर्ष से घबराएं नहीं, लगातार मेहनत करते रहें
आनंद कुमार ने अपने जीवन और ‘सुपर 30’ के शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए विद्यार्थियों को विपरीत परिस्थितियों से हार न मानने की सीख दी। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उदाहरण देते हुए कहा कि मुश्किल परिस्थितियां सफलता की राह में रुकावट जरूर बन सकती हैं, लेकिन निरंतर प्रयास करने वाला व्यक्ति उन चुनौतियों को पार कर सकता है।
उन्होंने कहा कि परिस्थितियां हमेशा हमारे अनुकूल नहीं होतीं। ऐसे समय में धैर्य, मेहनत और निरंतरता ही इंसान को आगे बढ़ाती है।
डिग्री से ज्यादा जरूरी हैं स्किल्स
आज के प्रतिस्पर्धी दौर में करियर को लेकर आनंद कुमार ने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि डिग्री जरूरी है, लेकिन वास्तविक सफलता आपकी स्किल्स और ज्ञान से तय होती है। युवाओं को केवल अच्छे पैकेज को अपना लक्ष्य नहीं बनाना चाहिए, बल्कि अपने अंदर सीखने और नया करने की भूख पैदा करनी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से रटने के बजाय ‘इनोवेटिव थिंकिंग’ विकसित करने और किसी समस्या का नया समाधान तलाशने की आदत बनाने को कहा।
झारखंड में अवसर देकर पलायन रोक रहा एजेयू
आनंद कुमार ने अरका जैन विश्वविद्यालय की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर विश्वविद्यालय झारखंड के विद्यार्थियों के पलायन को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने विश्वविद्यालय में ‘स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम’ को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक अच्छा विद्यार्थी आगे चलकर समाज के लिए एक बेहतर शिक्षक और मार्गदर्शक बन सकता है।
सफलता का लाभ समाज तक पहुंचे
आनंद कुमार ने विद्यार्थियों से कहा कि उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनके ज्ञान, कौशल और काम से समाज को भी लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने युवाओं को लगातार मेहनत करने, नई चीजें सीखने, नई सोच विकसित करने और अपने लक्ष्य से विचलित नहीं होने की सलाह दी।
समारोह में विश्वविद्यालय मैनेजमेंट बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) एस. एस. रजी, कुलपति प्रो. (डॉ.) ईश्वरन अय्यर, प्रतिकुलपति प्रो. (डॉ.) अंगद तिवारी और कुलसचिव सह निदेशक डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
राष्ट्रीय गीत और दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
‘आरम्भ 2026’ की शुरुआत राष्ट्रीय गीत की प्रस्तुति और अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। इसके बाद मुख्य अतिथि आनंद कुमार सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और विकास यात्रा की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।
विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बांधा समां
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की रचनात्मकता और प्रतिभा भी देखने को मिली। उद्घाटन नृत्य, सेमी-क्लासिकल और वेस्टर्न डांस, फैशन शो तथा लाइव बैंड की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों पर टाटा ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा।
एजेयू की उपलब्धियों पर दिखाई गई शॉर्ट फिल्म
समारोह के दौरान अरका जैन विश्वविद्यालय की विकास यात्रा और उपलब्धियों पर आधारित एक विशेष शॉर्ट वीडियो भी प्रदर्शित किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल, सांस्कृतिक गतिविधियों और को-करिकुलर कार्यक्रमों की झलक दिखाई गई।
कुल मिलाकर, ‘आरम्भ 2026’ ने नए विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ आनंद कुमार के संघर्ष और जीवन से प्रेरणा लेने का अवसर दिया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के बाद राष्ट्रगान के साथ समारोह के पहले दिन का समापन हुआ। इस अवसर पर एजेयू की फाइनेंस ऑफिसर रिचा गर्ग, संयुक्त कुलसचिव डॉ. जसबीर सिंह धंजाल, विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी, अभिभावक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।









