सोशल संवाद / डेस्क : महाराष्ट्र में अब खुले या बिना पैकिंग वाले खाद्य तेल की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। महाराष्ट्र FDA के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने राज्यभर में तत्काल प्रभाव से यह आदेश जारी किया है। नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, जिसमें कुछ मामलों में सात साल तक की जेल हो सकती है।

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FDA के मुताबिक, खुले तेल में मिलावट, खराब पैकेजिंग और तेल के स्रोत की जानकारी न होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। बिना पैकिंग वाले तेल पर बैच नंबर और निर्माण से जुड़ी जानकारी नहीं होने के कारण किसी शिकायत या फूड पॉइजनिंग की स्थिति में उसके स्रोत का पता लगाना भी मुश्किल होता है।
तुकाराम मुंढे ने लोगों से अपील की है कि वे खुला या बिना सील वाला खाद्य तेल न खरीदें। उन्होंने कहा कि ग्राहक पैक्ड तेल खरीदते समय लेबल, निर्माण और एक्सपायरी तारीख के साथ पैकेट की सील जरूर जांचें।
FDA की जांच में खाद्य तेल के कारोबार में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आई हैं। इनमें बिना लाइसेंस कारोबार, तेल में मिलावट, गलत लेबलिंग, पुराने या जंग लगे डिब्बों में पैकिंग और नियमों के खिलाफ तेल की ब्लेंडिंग शामिल है। सरसों के तेल में दूसरे तेल की मिलावट को भी प्रतिबंधित बताया गया है।
वित्त वर्ष 2025-26 में FDA ने खाद्य तेल के 1,247 सैंपल लिए थे, जिनमें से 1,142 की जांच की गई। इनमें 77 सैंपल मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए और 15 मामलों में गलत लेबलिंग मिली। कार्रवाई के दौरान करीब 3.20 लाख किलो तेल, जिसकी कीमत लगभग ₹5.31 करोड़ बताई गई, जब्त किया गया।
मुंढे ने खाना पकाने के तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल करने को लेकर भी चेतावनी दी है। FDA अब खाद्य तेल की पूरी सप्लाई चेन—निर्माण से लेकर पैकेजिंग, परिवहन, दुकानों और ऑनलाइन बिक्री तक—पर सख्ती से निगरानी करेगा।
सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य खाद्य तेल में मिलावट रोकना और लोगों को सुरक्षित एवं ट्रेस किए जा सकने वाले खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराना है।









