Responsive Full Width Slider

राहुल गांधी का पुलिस पर हमला, बोले- ‘FIR के लिए 8 घंटे इंतजार करना पड़ा, ऊपर से न्याय की ब्रेक लगी हुई है’

By Sharia Nasrah

Published :

Follow
राहुल गांधी का पुलिस पर हमला, बोले- ‘FIR के लिए 8 घंटे इंतजार करना पड़ा, ऊपर से न्याय की ब्रेक लगी हुई है’

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / डेस्क : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक युवक के साथ कथित अन्याय के मामले में पुलिस कार्रवाई में देरी को लेकर केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि घटना को एक महीना बीत चुका है, लेकिन पीड़ित के शरीर में अभी भी छर्रे हैं। राहुल गांधी के मुताबिक, तीन छर्रे उसकी आंख में हैं, जिसके कारण उसे दिखाई नहीं देता, जबकि तीन-चार छर्रे दिल के पास मौजूद हैं।

यह भी पढ़े : Rahul Gandhi : धरने के बाद पैलेट गन से घायल छात्र की शिकायत पर FIR दर्ज, बोले- ‘न्याय का पहला कदम’

राहुल गांधी ने कहा कि मामला साफ तौर पर एक युवा के साथ हुए अन्याय का है। उन्होंने दावा किया कि पीड़ित और उसका परिवार करीब एक महीने से न्याय के लिए भटक रहा है। राहुल गांधी ने बताया कि वह सुबह करीब 11 से 11:30 बजे पुलिस स्टेशन पहुंचे थे, लेकिन शाम करीब साढ़े छह बजे जाकर FIR दर्ज की गई।

उन्होंने पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब राजधानी दिल्ली के बीचों-बीच स्थित पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराने में इतने घंटे लग जाते हैं, तो गांव या छोटे शहरों के थाने में आम लोगों की स्थिति क्या होती होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

राहुल गांधी ने कहा कि वे यहां कोई गलत काम करने नहीं आए थे। उनका उद्देश्य केवल एक भारतीय नागरिक और उसके माता-पिता के लिए न्याय की मांग करना था। उन्होंने कहा कि इसके लिए भी करीब 8 घंटे का इंतजार करना पड़ा।

कांग्रेस नेता ने आगे दावा किया कि FIR दर्ज करने के लिए गृह सचिव और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अंतिम मंजूरी लेनी पड़ी। राहुल गांधी ने इसी के आधार पर सवाल उठाया कि आखिर FIR को रोक कौन रहा था। उन्होंने कहा कि नीचे स्तर पर मौजूद पुलिसकर्मी FIR दर्ज करना चाहते थे, लेकिन ऊपर से ‘न्याय की ब्रेक’ लगी हुई थी।

राहुल गांधी ने महिलाओं के साथ बलात्कार, बच्चों पर हिंसा और गोलीबारी जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अगर राजधानी में न्याय पाने में इतना समय लग रहा है, तो देश के दूरदराज इलाकों में आम नागरिकों की स्थिति कितनी मुश्किल होगी, इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---