सोशल संवाद / रांची : झारखंड में JSSC और JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे अभय कुमार तिवारी की पत्नी और भाई को गिरफ्तार करने के बाद अब दोनों को CID रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं अभय तिवारी को भी तीन दिन की CID रिमांड पर लिया गया है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी के जरिए चयन हासिल करने में इन लोगों की क्या भूमिका रही।

यह भी पढे : रांची एयरपोर्ट पर Air India Express की फ्लाइट ग्राउंडेड, ऑक्सीजन सप्लाई में कमी से यात्री परेशान
अभय तिवारी से पूछताछ के बाद बढ़ा जांच का दायरा
JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के दौरान अभय तिवारी से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है। इसके बाद CID ने उसके करीबी लोगों और रिश्तेदारों की भूमिका की भी जांच शुरू की।
जांच एजेंसी का फोकस अब कथित परीक्षा सिंडिकेट के नेटवर्क, इसमें शामिल लोगों और चयन प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं की कड़ियों को जोड़ने पर है। अब तक 37 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि 18 अन्य संदिग्धों को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पत्नी और भाई की नियुक्ति पर भी उठे सवाल
अभय तिवारी की पत्नी और भाई ने JSSC-CGL परीक्षा पास की थी। दोनों की गिरफ्तारी के बाद CID अब इस बात की जांच कर रही है कि उनका चयन किस प्रक्रिया से हुआ और क्या कथित परीक्षा अनियमितताओं से इसका कोई संबंध है।
जांच एजेंसी दोनों से पूछताछ कर परीक्षा में कथित अवैध तरीके से सफलता हासिल करने और पूरे नेटवर्क में उनकी संभावित भूमिका के बारे में जानकारी जुटा रही है।
JSSC कार्यालय में भी हो चुकी है पूछताछ
इस मामले में CID की जांच केवल आरोपियों तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसी JSSC कार्यालय में भी कार्रवाई कर चुकी है। विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेजों और विशेष रूप से CGL परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड की जांच की गई है।
JSSC कार्यालय में आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से भी पूछताछ की गई थी। इसके अलावा परीक्षा संचालन से जुड़ी कंपनी TDPL की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
परीक्षा में गड़बड़ी के नेटवर्क की तलाश
CID अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित परीक्षा घोटाले में कितने लोग शामिल थे और अभ्यर्थियों को गलत तरीके से लाभ पहुंचाने के लिए किस तरह का नेटवर्क काम कर रहा था। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि अभय तिवारी, उसकी पत्नी और भाई से पूछताछ के जरिए दूसरे संदिग्धों और कथित बिचौलियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एजेंसी अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
JSSC-JPSC विवाद में आगे क्या?
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर लंबे समय से छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों में नाराजगी रही है। अब CID की कार्रवाई के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। अभय तिवारी और उसके परिजनों से पूछताछ के बाद जांच एजेंसी को इस पूरे मामले में और अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल CID की जांच जारी है और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां या कार्रवाई होने की संभावना बनी हुई है। हालांकि, किसी भी आरोपी की भूमिका और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।









