सोशल संवाद/घाटशिला : देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसी कड़ी में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की ओर से मंगलवार को ‘टीबी मुक्त भारत के लिए जागरूकता पैदा करना’ विषय पर चेतना श्रृंखला व्याख्यान आयोजित किया गया।

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सोना देवी विश्वविद्यालय के विवेकानंद ऑडिटोरियम में कुलपति डॉ. ब्रज मोहन पट पिंगुआ समेत विश्वविद्यालय के अधिकारियों, डीन, विभागाध्यक्षों, फैकल्टी सदस्यों, गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने यूजीसी के इस व्याख्यान में हिस्सा लिया।
छात्रों को टीबी के प्रति जागरूक करने पर जोर
कार्यक्रम में डॉ. राजन ने टीबी यानी तपेदिक के संक्रमण, लक्षण और बचाव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टीबी बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण है, जो हवा के जरिए फैल सकता है। इसलिए टीबी से संक्रमित व्यक्ति को सावधानी बरतने और मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों की समय पर पहचान और जांच बेहद जरूरी है। सही इलाज, उचित देखभाल और संतुलित पोषण के जरिए इस बीमारी से पूरी तरह ठीक हुआ जा सकता है।
निक्षय मित्र बनकर मरीजों की मदद करेंगे छात्र
व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षण संस्थानों को ‘निक्षय मित्र’ के रूप में जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। निक्षय मित्र टीबी मरीजों को पोषण और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराने में मदद कर सकते हैं।
डॉ. राजन ने बताया कि निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को पोषण संबंधी सहायता दी जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने आसपास के लोगों को टीबी के लक्षण, संक्रमण के कारण और बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करें।
NSS और सोशल मीडिया की भी होगी भूमिका
टीबी मुक्त भारत अभियान को आगे बढ़ाने में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के NSS कार्यकर्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। विद्यार्थियों को यूथ एंबेसडर के रूप में जोड़कर जागरूकता अभियान चलाने की योजना है।
इसके अलावा सोशल मीडिया के जरिए भी टीबी की रोकथाम और समय पर जांच को लेकर लोगों तक जानकारी पहुंचाई जाएगी। लोगों को टीबी के खिलाफ लड़ाई में साथ आने के लिए शपथ भी दिलाई जाएगी।
सोना देवी विश्वविद्यालय भी अपने विद्यार्थियों और फैकल्टी को इस अभियान से जोड़कर आसपास के क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने की दिशा में काम करेगा।
कार्यक्रम का संदेश रहा—‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा।’









