मुंबई में मराठी भाषा प्रवीणता नियम को लेकर ऑटो और टैक्सी चालकों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले चार दिनों में पूरे महाराष्ट्र में 2,500 से ज्यादा ऑटो और टैक्सी चालकों को नोटिस जारी किए गए हैं।

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अब नोटिस पाने वाले ड्राइवरों का एक समूह इस कार्रवाई के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख करने की तैयारी में है।
मराठी बोलने की क्षमता की होगी जांच
महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने संशोधित मोटर वाहन नियमों के तहत यात्री वाहनों के ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा की व्यावहारिक जानकारी को जरूरी बताया है। इसके तहत ऑटो-रिक्शा, टैक्सी, ओला और उबर जैसे यात्री वाहनों के ड्राइवरों की मराठी बोलने की क्षमता की जांच की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, ड्राइवर से सीधे बातचीत के जरिए यह देखा जाएगा कि वह मराठी भाषा को कितना समझता और बोलता है। पूरी जांच प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी किए जाने का प्रावधान बताया गया है।
RTO जांच से बच रहे ड्राइवर?
मराठी टेस्ट की कार्रवाई को लेकर कई ड्राइवरों में नाराजगी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ ड्राइवर रेलवे स्टेशन, मॉल और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बच रहे हैं, ताकि RTO की जांच के दौरान पकड़े न जाएं।
ड्राइवरों से जुड़े WhatsApp ग्रुपों में भी RTO की जांच को लेकर लगातार संदेश शेयर किए जा रहे हैं। इनमें ड्राइवरों को जांच वाले इलाकों से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
हाईकोर्ट जाने की तैयारी
नोटिस पाने वाले ड्राइवरों के एक समूह ने अब इस कार्रवाई को चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है। ड्राइवरों का कहना है कि नियमों को लेकर उनकी आपत्तियों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
यूनियन के मुताबिक, पिछले चार दिनों में महाराष्ट्र में 2,500 से अधिक ड्राइवरों को नोटिस दिए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद मराठी भाषा प्रवीणता नियम को लेकर विवाद और तेज हो गया है।
क्या मुंबई में ऑटो-टैक्सी की कमी होगी?
ड्राइवरों के जांच से बचने और कुछ इलाकों में जाने से परहेज करने की खबरों के बीच मुंबई में ऑटो-टैक्सी की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, शहर में वास्तव में कितनी कमी हुई है, इसका स्पष्ट आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।
फिलहाल मामला नियमों के पालन, ड्राइवरों की आपत्तियों और संभावित कानूनी चुनौती के बीच फंसा हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि बॉम्बे हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है।









