सोशल संवाद / डेस्क : बिहार पुलिस की महिला जवानों को अब आधुनिक हथियारों और कमांडो ऑपरेशन की खास ट्रेनिंग दी जा रही है। मोकामाघाट स्थित CRPF ग्रुप सेंटर में बिहार पुलिस की महिला आरक्षियों के बेसिक और कमांडो प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन आईजी राजकुमार ने समारोह के दौरान किया।

इस प्रशिक्षण के तहत बिहार पुलिस की 482 महिला सिपाहियों को करीब 270 दिनों तक अलग-अलग तरह के हथियारों को चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें AK-47 जैसे स्वचालित हथियारों के इस्तेमाल की ट्रेनिंग भी शामिल है। महिला जवानों को कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर तरीके से काम करने के लिए तैयार किया जाएगा।
हथियारों के साथ कानून की भी पढ़ाई
इस प्रशिक्षण की खास बात यह है कि महिला जवानों को सिर्फ हथियार चलाने और कमांडो ऑपरेशन की ट्रेनिंग ही नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की जानकारी भी दी जाएगी। इसका उद्देश्य जवानों को कानून और पुलिस कार्रवाई के नियमों से बेहतर तरीके से परिचित कराना है।
प्रशिक्षण के दौरान महिला प्रशिक्षुओं को शारीरिक दक्षता, हथियार संचालन, कमांडो तकनीक और अलग-अलग परिस्थितियों में कार्रवाई करने का अभ्यास कराया जाएगा। उन्हें इस तरह तैयार किया जाएगा कि जरूरत पड़ने पर वे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।
पहले भी 600 से ज्यादा महिला जवानों को दी गई ट्रेनिंग
बताया गया कि इससे पहले भी CRPF की ओर से 600 से अधिक बिहार मिलिट्री पुलिस की महिला जवानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें बिहार पुलिस मुख्यालय को सौंप दिया गया था।
अब महिला जवानों की दूसरी टीम के प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत की गई है। प्रशिक्षण शुभारंभ समारोह में CRPF ग्रुप सेंटर के अधिकारी, प्रशिक्षक और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
इस पहल से बिहार पुलिस की महिला जवानों की ऑपरेशनल क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ने की उम्मीद है। खासकर कानून-व्यवस्था, विशेष अभियान और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रशिक्षित महिला कमांडो पुलिस के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।









