सोशल संवाद/डेस्क : लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

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बारिश के बाद नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति को देखते हुए चांडिल डैम के 17 फाटक खोल दिए गए हैं, वहीं खरकई नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
खतरे के निशान से ऊपर खरकई नदी
आदित्यपुर पुल के पास खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। खतरे का निशान 129 मीटर निर्धारित है, जबकि रविवार सुबह नदी का जलस्तर 129.21 मीटर दर्ज किया गया था। यानी नदी खतरे के निशान से करीब 21 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। हालांकि जलस्तर में गिरावट का रुझान भी दर्ज किया गया है, जिससे फिलहाल थोड़ी राहत है।
चांडिल डैम से लगातार छोड़ा जा रहा पानी
चांडिल डैम में पानी का दबाव बढ़ने के बाद अतिरिक्त पानी निकालने के लिए कई गेट खोले गए हैं। ताजा रिपोर्ट के अनुसार डैम के 13 रेडियल गेट के साथ रिवर स्लूइस और इमरजेंसी स्लूइस गेट से भी पानी छोड़ा जा रहा है। डैम से बड़ी मात्रा में पानी सुवर्णरेखा नदी में पहुंच रहा है।
नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर
चांडिल डैम के अलावा आदित्यपुर स्थित गांजिया बराज और गालूडीह बराज से भी पानी छोड़ा जा रहा है। इससे खरकई और सुवर्णरेखा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण कक्ष की ओर से नदी और तटीय इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह
नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने और नदी के पास नहीं जाने की सलाह दी गई है। खासकर पानी का बहाव तेज होने के दौरान नदी और डैम के आसपास जाना जोखिम भरा हो सकता है।
फिलहाल खरकई नदी खतरे के निशान से ऊपर है, लेकिन जलस्तर में गिरावट का रुझान राहत देने वाला है। इसके बावजूद लगातार बारिश और जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी है।









