PM बोले- रेल कॉरिडोर देखकर फूफाजी नाराज हो जाएंगे:पुरानी सरकार 10 साल में 50 हजार टॉयलेट नहीं बना सकी थी

By Tamishree Mukherjee

Published :

Follow
PM says the 'fufaji' (paternal uncle-in-law) will get annoyed seeing the rail corridor

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद/डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में जेन-जी से 25 मिनट संवाद किया। मोदी के कार्यक्रम के लिए 6 हजार युवाओं को बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि पहली की सरकार ने विकास को कभी गति नहीं दी। पुरानी सरकार 10 साल में 50 हजार टॉयलेट नहीं बना सकी थी, हम चिप से शिप तक बना रहे हैं।

यह भी पढ़े : सत्य निकेतन हादसे के बीच कांग्रेस का हमला, ‘बिल्डरों के खिलाफ कानून का डर खत्म’

यूपीए सरकार ने विकास को रोक दिया था। यहां का फ्रेट कॉरिडोर इसका उदाहरण है। यहां का रेल कॉरिडोर देखकर फूफाजी नाराज हो जाएंगे। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए खास तौर पर Y आकार का रैंप बनाया गया है। भाषण से पहले PM रैंप पर चलकर युवाओं के बीच पहुंचे। एक स्टूडेंट ने उन्हें तस्वीर भी गिफ्ट की।

मोदी ने कहा- 2004 में विचार, 2014 तक फाइलें चलती रहीं

  1. 2,000 किमी फ्रेट कॉरिडोर का काम पूरा: डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर 2004 में विचार शुरू हुआ और 2006 में विशेष कंपनी बनाई गई, लेकिन 2014 तक सिर्फ फाइलें एक टेबल से दूसरी टेबल तक जाती रहीं। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद उनकी सरकार ने इस प्रोजेक्ट को गति दी और करीब 2,000 किमी फ्रेट कॉरिडोर का काम पूरा किया।
  2. पैसेंजर और मालगाड़ियों के लिए अलग-अलग ट्रैक: पहले पैसेंजर और मालगाड़ियां एक ही ट्रैक पर चलती थीं, जिससे दोनों की रफ्तार प्रभावित होती थी। अब डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर रोज करीब 430 मालगाड़ियां चल रही हैं। ट्रक से सामान भेजने में करीब 30 घंटे लगते हैं, जबकि फ्रेट कॉरिडोर से करीब 10 घंटे में पहुंच सकता है।
  3. भारत रेल इंजन का बड़ा निर्माता बना: पिछले एक दशक में भारत मेट्रो कोच और रेल इंजन बनाने वाला बड़ा निर्माता बना है। 2014 के बाद देश में करीब 50 हजार आधुनिक रेल कोच बनाए गए। अब भारत चिप से लेकर शिप तक अपनी क्षमता बढ़ा रहा है और पुर्जों से लेकर प्रोडक्ट तक देश में बनाने पर जोर है।
  4. AI का सुपरपावर के लिए इकोसिस्टम जरूरी: अगर भारत को AI का सुपरपावर बनना है तो इसके लिए पूरा इकोसिस्टम तैयार करना होगा। इसके लिए यूरेनियम और रेयर अर्थ मटेरियल की उपलब्धता बढ़ाने के साथ युवाओं की स्किल ट्रेनिंग और अपग्रेडेशन पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि स्किल पर फोकस किया जा रहा है।
YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---