सोशल संवाद / डेस्क : Sona Devi University ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की ओर से मंगलवार को विवेकानंद ऑडिटोरियम में 59वां अभियंता दिवस (Engineers Day) उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग, गालूडीह के अधीक्षण अभियंता रविकांत चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई में ईमानदारी और अनुशासन के महत्व के बारे में बताया।
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पढ़ाई में ईमानदारी और अनुशासन जरूरी : रविकांत चौधरी
मुख्य अतिथि रविकांत चौधरी ने सभागार में मौजूद अभियंताओं को अभियंता दिवस की शुभकामनाएं दीं। विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्होंने कहा कि पढ़ाई में ईमानदारी और अनुशासन बेहद जरूरी है। छात्रों को पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के बीच तालमेल बनाकर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने ज्ञान का व्यावहारिक इस्तेमाल करने और तकनीकी क्षेत्र में लगातार सीखते रहने के लिए प्रेरित किया।
मेहनत का कोई विकल्प नहीं : अजय प्रजापति
कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग, घाटशिला के कार्यपालक अभियंता अजय प्रजापति ने देश में इंजीनियरिंग शिक्षा की शुरुआत और उसके विकास के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत में इंजीनियरिंग शिक्षा के विकास में थॉम्पसन कॉलेज, जिसे आज IIT रुड़की के नाम से जाना जाता है, की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके बाद देश में IIT का दौर शुरू हुआ।
उन्होंने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान उसके विद्यार्थियों की उपलब्धियों से होती है। इसलिए विद्यार्थियों को सही दिशा में मेहनत करते हुए मिलने वाले अवसरों का भरपूर लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है, इसलिए विद्यार्थियों को अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ना चाहिए।
शोध और नवाचार को बढ़ावा दें विद्यार्थी : प्रभाकर सिंह
सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अभियंताओं को उनकी सेवाओं के लिए नमन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का काम केवल किताबों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। तकनीक और विज्ञान का इस्तेमाल ऐसा होना चाहिए, जिससे आम लोगों का जीवन आसान बनाया जा सके।
कुलाधिपति ने कहा कि शिक्षक और इंजीनियर दोनों ही निर्माण से जुड़े होते हैं। शिक्षक जहां व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं, वहीं इंजीनियर राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
व्यवहारिकता पर ध्यान दें विद्यार्थी : कुलपति
सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपने कार्य में व्यवहारिकता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने अपने वैज्ञानिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें कर्नाटक में भारत रत्न एम. विश्वेश्वरैया द्वारा निर्मित बांध को देखने और समझने का अवसर मिला था।
उन्होंने विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग के ज्ञान को वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों ने दिए तकनीकी विषयों पर प्रेजेंटेशन
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने PPT के माध्यम से अपने विषयों से संबंधित कई प्रस्तुतियां दीं। BSc Agriculture की छात्रा लक्ष्मी मुर्मू ने कृषि क्षेत्र में ड्रोन की उपयोगिता पर प्रस्तुति दी और बताया कि पारंपरिक कृषि को स्मार्ट कृषि में कैसे बदला जा सकता है।
कंप्यूटर साइंस की छात्रा खुशी ने Engineers Day की थीम पर चर्चा की। वहीं BSc Biotechnology के विद्यार्थियों ने चूहों पर क्लोनिंग से संबंधित पेपर प्रस्तुत किया। BTech EE के छात्र शांतनु ने स्टार्टर विषय पर अपना पेपर प्रस्तुत किया।
एम. विश्वेश्वरैया की जयंती पर मनाया जाता है Engineers Day
भारत में हर साल 15 सितंबर को अभियंता दिवस मनाया जाता है। यह दिन महान अभियंता और भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। उन्हें आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले महान इंजीनियरों में गिना जाता है।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। सोना देवी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की विभागाध्यक्ष पूजा तिवारी ने स्वागत भाषण दिया और एम. विश्वेश्वरैया के योगदान के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी। सहायक कुलसचिव अर्चना सिंह ने भी उनके जीवन और कार्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ हुआ।










