सोशल संवाद / रांची : रांची में संघ दफ्तर पर हुए हमले में ईडी दिल्ली की टीम ने गुरुवार को चार राज्यों में छापे मार कर मनी लाउंडिंग की जांच की। एनआईए केस के आधार पर ईडी ने झारखंड के लोहरदगा समेत दिल्ली, बिहार और कर्नाटक में छापेमारी की। 16 जून की रात हुए पेट्रोल बम हमले में पाक गैंगस्टर शहबाज भट्टी गिरोह की भूमिका सामने आई थी। ईडी हवाला के जरिए मिली फंडिंग की जांच कर रही है।
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ईडी ने लोहरदगा में पूर्व में गिरफ्तार आरोपी सैफ अंसारी, सायम के ठिकानों पर छापेमारी की सानआईए भी यहां पहले कार्रवाई कर चुकी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर एनआईए ने जुलाई में केस टेकओवर किया था। इससे पहले झारखंड एटीएस इस मामले की जांच कर रही थी। बता दें कि एनआईए ने भी हाल ही में पटना में छापेमारी कर भारी मात्रा में नकदी की बरामदगी की थी। इस गिरोह से जुड़े कट्टरपंथी युवाओं को देशभर में अलग-अलग लिंक से हवाला के जरिए फंडिंग की पड़ताल ईडी कर रही है।
लोहरदगा में अमन और सैफ के परिजनों से घंटों पूछताछ
लोहरदगा। जांच में लोहरदगा के न्यू आजाद बस्ती निवासी अमन और इस्लामनगर निवासी सैफ अंसारी के पाकिस्तान से लेन देन के सुराग मिले थे। इसी के आधार पर ईडी की टीम ने गुरुवार को दोनों के घरों पर दबिश दी। ईडी ने दोनों के परिजनों से चार घंटे से अधिक समय पूछताछ की। दस्तावेजों की जांच भी की। अमन के घर पर पिछले 16 जुलाई को जब एनआईए की टीम ने छापेमारी की थी। तब घर में अंदर से ताला लगा था।










