सोशल संवाद / डेस्क : उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक इन सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर 2026 से शुरू होगी और 16 अक्टूबर 2026 को मतदान कराया जाएगा।
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इन 10 सीटों में मौजूदा समय में 8 सीटें भाजपा, एक समाजवादी पार्टी और एक बहुजन समाज पार्टी के पास हैं। इनमें भाजपा के कई मौजूदा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जबकि दिनेश शर्मा के इस्तीफे के बाद एक सीट पहले ही खाली है।
BJP में नए चेहरों को लेकर चर्चा तेज
राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन चल रहा है। मीडिया रिपोर्टों में स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी समेत कई नेताओं के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं। हालांकि, भाजपा की ओर से अभी इन नामों को आधिकारिक उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया है।
रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी इस बार सामाजिक और संगठनात्मक समीकरण को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों को भी मौका दे सकती है। अलग-अलग सामाजिक वर्गों से संभावित नामों पर भी चर्चा होने की खबरें हैं।
स्मृति ईरानी के नाम की भी चर्चा
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवारों की संभावित सूची में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम भी सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि भाजपा उन्हें यूपी कोटे से उच्च सदन भेजने पर विचार कर सकती है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस संबंध में अभी अंतिम फैसला या आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
स्मृति ईरानी 2019 में अमेठी से लोकसभा चुनाव जीतकर केंद्र सरकार में मंत्री बनी थीं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद भी वह भाजपा संगठन में सक्रिय रही हैं।
हरीश द्विवेदी समेत कई नाम चर्चा में
संभावित उम्मीदवारों में भाजपा नेता हरीश द्विवेदी का नाम भी चर्चा में है। इसके अलावा पार्टी के कई मौजूदा राज्यसभा सदस्यों को दोबारा मौका मिलेगा या नहीं, इसे लेकर भी अटकलें जारी हैं।
भाजपा के जिन नेताओं का यूपी से राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी और हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं। दिनेश शर्मा की सीट उनके इस्तीफे के बाद खाली है।
सामाजिक समीकरण पर भी नजर
राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। रिपोर्टों में ओबीसी और दलित वर्ग से जुड़े कुछ नेताओं के नाम संभावित दावेदारों के तौर पर सामने आए हैं। हालांकि, जब तक भाजपा की केंद्रीय नेतृत्व स्तर पर उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं होती, तब तक इन नामों को संभावित दावेदारों के रूप में ही देखा जा रहा है।
यूपी में राज्यसभा चुनाव का क्या है गणित?
उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में मौजूदा दलगत स्थिति राज्यसभा चुनाव के लिए महत्वपूर्ण है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक भाजपा और उसके सहयोगी दलों के पास बहुमत से अधिक विधायक हैं, जबकि समाजवादी पार्टी और उसके सहयोगियों के पास भी पर्याप्त संख्या है। राज्यसभा चुनाव में विधानसभा के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं और चुनाव सिंगल ट्रांसफरेबल वोट के जरिए आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से होता है।
मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों का गणित तय होगा। हालांकि, अंतिम परिणाम उम्मीदवारों की संख्या, नामांकन और मतदान प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
BSP के लिए भी अहम चुनाव
इन 10 सीटों में वर्तमान में एक सीट बहुजन समाज पार्टी के पास है। BSP सांसद रामजी गौतम का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। विधानसभा में BSP का कोई विधायक नहीं है, इसलिए पार्टी के राज्यसभा प्रतिनिधित्व को लेकर भी इस चुनाव पर नजर है।
कब होगा राज्यसभा चुनाव?
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार:
- नामांकन शुरू: 29 सितंबर 2026
- नामांकन की अंतिम तारीख: 6 अक्टूबर 2026
- नामांकन पत्रों की जांच: 7 अक्टूबर 2026
- नाम वापसी की अंतिम तारीख: 9 अक्टूबर 2026
- मतदान: 16 अक्टूबर 2026
- मतगणना: 16 अक्टूबर 2026
इस चुनाव में भाजपा और सपा के संभावित उम्मीदवारों पर अब सभी की नजरें हैं। भाजपा की ओर से अंतिम सूची सामने आने के बाद ही साफ होगा कि पार्टी मौजूदा चेहरों को दोहराती है या नए नेताओं को राज्यसभा भेजती है।











