सोशल संवाद / डेस्क : अगर आपकी गाड़ी CNG से चलती है, तो CNG पंप पर गैस भरवाते समय थोड़ी सी लापरवाही आपको आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है। कई वाहन चालक CNG भरवाते समय गाड़ी के पास मौजूद नहीं रहते और कर्मचारी को गैस भरने के लिए कहकर वॉशरूम या किसी दूसरे काम से चले जाते हैं। ऐसे में मीटर की रीडिंग पर नजर नहीं रहने से विवाद या गड़बड़ी की स्थिति बन सकती है।
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CNG पंप पर गैस भरवाते समय सबसे जरूरी बात यह है कि डिस्पेंसर की रीडिंग पर ध्यान दिया जाए और गैस भरने से पहले मीटर जीरो है या नहीं, यह जरूर जांच लिया जाए।
क्या है ‘जीरो स्कैम’?
जिसे आम बोलचाल में ‘जीरो स्कैम’ कहा जाता है, उसमें दावा यह होता है कि कर्मचारी पुराने ट्रांजैक्शन की मीटर रीडिंग को जीरो किए बिना अगली गाड़ी में CNG भरना शुरू कर देता है। इससे डिस्पेंसर पर दिखाई देने वाली रकम वास्तविक भरी गई गैस से ज्यादा हो सकती है।
उदाहरण के तौर पर, मान लीजिए आपसे पहले किसी वाहन में 400 रुपये की CNG भरी गई। इसके बाद कर्मचारी अगर मीटर को जीरो किए बिना आपकी गाड़ी में गैस भरना शुरू करता है और रीडिंग 600 रुपये तक पहुंच जाती है, तो स्क्रीन पर 600 रुपये दिखाई दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में ग्राहक को यह समझना जरूरी है कि नई बिक्री की शुरुआत किस रीडिंग से हुई थी।
हालांकि, हर मीटर पर इस तरह की गड़बड़ी संभव है, ऐसा मानना सही नहीं है। इसलिए ग्राहक को गैस भरने से पहले और बाद की रीडिंग खुद देखनी चाहिए।
CNG भरवाते समय मीटर पर रखें नजर
CNG भरवाते समय सिर्फ कुल रकम देखने के बजाय डिस्पेंसर स्क्रीन पर अमाउंट और गैस की मात्रा (KG) पर भी ध्यान दें। नोजल लगाने से पहले यह जरूर देख लें कि मीटर की शुरुआती रीडिंग जीरो है। अगर गैस भरने के दौरान नोजल को बार-बार बंद और चालू किया जा रहा है या रीडिंग को लेकर कोई संदेह है, तो तुरंत कर्मचारी से इसकी जानकारी लें।
CNG पंप पर इन बातों का रखें ध्यान
1. गाड़ी के पास रहें:
जब तक CNG भर रही हो, कोशिश करें कि आप अपनी गाड़ी के पास ही रहें।
2. मीटर जीरो जरूर देखें:
नोजल लगाने से पहले डिस्पेंसर स्क्रीन पर शुरुआती रीडिंग जांच लें।
3. अमाउंट और KG दोनों देखें:
सिर्फ रुपये की रीडिंग न देखें। गैस कितनी KG भरी गई है, इस पर भी ध्यान दें।
4. रसीद जरूर लें:
CNG भरने के बाद बिल या रसीद लें और उसमें दर्ज रकम व अन्य विवरण जांच लें।
5. संदेह होने पर तुरंत शिकायत करें:
अगर आपको लगता है कि मीटर की रीडिंग या गैस की मात्रा में कोई गड़बड़ी है, तो मौके पर ही कर्मचारी या पंप प्रबंधन से बात करें और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभाग में शिकायत करें।
छोटी सी सावधानी से बच सकता है नुकसान
CNG भरवाना रोजमर्रा की प्रक्रिया है, इसलिए कई लोग मीटर की रीडिंग पर ध्यान नहीं देते। लेकिन कुछ सेकंड की सावधानी आपको अनावश्यक भुगतान या विवाद से बचा सकती है। इसलिए अगली बार CNG पंप पर गाड़ी छोड़कर जाने के बजाय मीटर की शुरुआती रीडिंग, भरी गई गैस की मात्रा और अंतिम रकम जरूर जांचें।











