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1 अक्टूबर 2026 से बदल गए 10 बड़े नियम, LPG से लेकर बैंकिंग तक होगा असर

By Tamishree Mukherjee

Published :

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1 October 2026 Rules Change
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सोशल संवाद/डेस्क: अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ ही कई नियम और व्यवस्थाओं में बदलाव हो रहे हैं। 1 अक्टूबर 2026 से LPG सिलेंडर, PUC, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, प्रॉपर्टी खरीद, बैंकिंग और विदेशी व्यापार से जुड़े नियमों में बदलाव का असर आम लोगों और कारोबारियों पर पड़ सकता है।

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कुछ बदलाव सीधे आपकी जेब से जुड़े हैं, जबकि कुछ का असर बैंकिंग और सरकारी दस्तावेजों की प्रक्रिया पर पड़ेगा। आइए जानते हैं 1 अक्टूबर से लागू होने वाले 10 प्रमुख बदलावों के बारे में।

1. PUC नहीं होने पर कार्रवाई, लग सकता है जुर्माना

दिल्ली-NCR में वैध PUC (Pollution Under Control) Certificate को लेकर नियम सख्त किए जा रहे हैं। बिना वैध PUC वाली गाड़ियों की पहचान पेट्रोल पंपों पर कैमरा और वाहन डेटाबेस के जरिए की जा सकती है। इसलिए अगर आपकी गाड़ी का PUC एक्सपायर हो गया है तो उसे समय रहते रिन्यू करा लेना जरूरी है। वैध PUC नहीं होने पर मोटर वाहन नियमों के तहत जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

2. LPG सब्सिडी के लिए आधार बायोमेट्रिक जरूरी

LPG सब्सिडी का लाभ लेने वाले ग्राहकों के लिए आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन महत्वपूर्ण हो गया है। बायोमेट्रिक पूरा नहीं होने पर सिलेंडर की रिफिलिंग बंद नहीं होगी, लेकिन सब्सिडी या रेगुलेटेड कीमत का लाभ प्रभावित हो सकता है।

ग्राहक गैस एजेंसी, डिलीवरी के समय या संबंधित तेल कंपनी के डिजिटल माध्यम से ऑथेंटिकेशन की सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं।

3. बैंक FD के बल्क डिपॉजिट पर ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी

RBI के नियमों के तहत बल्क डिपॉजिट की ब्याज दरों को लेकर बैंकों को अधिक पारदर्शिता बरतनी होगी। 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक के बल्क डिपॉजिट पर बैंक अपनी लागू ब्याज दरों की जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराएंगे और वेबसाइट पर भी आवश्यक जानकारी अपडेट करेंगे। ध्यान देने वाली बात यह है कि 3 करोड़ रुपये की सीमा खुद 1 अक्टूबर से नई लागू नहीं हुई है।

4. AC, TV और फ्रिज की कीमतों पर पड़ सकता है असर

अक्टूबर से कुछ इलेक्ट्रॉनिक और होम अप्लायंस कंपनियां AC, TV, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे उत्पादों की कीमतों में बदलाव कर सकती हैं।

कंपनियों की ओर से कच्चे माल, धातुओं की कीमत, परिवहन लागत और रुपये की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव जैसी वजहों का हवाला दिया जा सकता है। हालांकि, यह कोई एक समान सरकारी कीमत वृद्धि नहीं है। अलग-अलग कंपनियों के उत्पादों पर अलग असर हो सकता है।

5. LPG और ATF की कीमतों में हो सकता है बदलाव

तेल विपणन कंपनियां आम तौर पर हर महीने की पहली तारीख को कमर्शियल LPG और Aviation Turbine Fuel (ATF) की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 अक्टूबर को नए रेट जारी किए जा सकते हैं। इसका असर होटल, रेस्टोरेंट, ट्रांसपोर्ट और एविएशन सेक्टर पर भी पड़ सकता है।

6. जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र में देरी पर बढ़ेगी प्रक्रिया

जन्म और मृत्यु का रजिस्ट्रेशन समय पर कराना जरूरी है। निर्धारित समय के बाद रजिस्ट्रेशन कराने पर अतिरिक्त दस्तावेज और संबंधित अधिकारियों की मंजूरी की जरूरत पड़ सकती है। 21 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन सामान्य प्रक्रिया के तहत किया जा सकता है। देरी बढ़ने के साथ सत्यापन और सक्षम अधिकारी की अनुमति की आवश्यकता बढ़ती जाती है।

7. NRI से प्रॉपर्टी खरीदने की प्रक्रिया में बदलाव

NRI से घर या जमीन खरीदने वाले निवासी व्यक्ति और HUF के लिए TDS प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब कुछ मामलों में अलग TAN लेने की जरूरत नहीं होगी और PAN आधारित रिपोर्टिंग के जरिए प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। इससे NRI से प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोगों के लिए टैक्स संबंधी अनुपालन प्रक्रिया कुछ आसान हो सकती है।

8. NPS से जुड़ी व्यवस्थाओं में बदलाव

National Pension System (NPS) से जुड़ी व्यवस्थाओं में भी अक्टूबर से बदलाव किए जा रहे हैं। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लाभों को रिटायरमेंट सेविंग से जोड़ने की व्यवस्था शामिल बताई गई है। इसके साथ ही NPS के Point of Presence (PoP) charges से जुड़ा नया फ्रेमवर्क भी लागू किया जाना है।

9. डिजिटल बैंकिंग रिकॉर्ड को मिलेगा स्पष्ट कानूनी आधार

बैंकिंग रिकॉर्ड से संबंधित कानून में भी बदलाव हो रहा है। Bankers’ Books Evidence Act, 2026 पुराने कानून की जगह लेगा। नए कानूनी ढांचे में इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल बैंकिंग रिकॉर्ड को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है। इससे बैंकिंग दस्तावेजों और रिकॉर्ड के कानूनी इस्तेमाल का दायरा अधिक स्पष्ट होगा।

10. Import-Export कारोबारियों के लिए भुगतान नियमों में बदलाव

विदेशी व्यापार से जुड़े कारोबारियों के लिए भी अक्टूबर से महत्वपूर्ण बदलाव किया जा रहा है। FEMA के तहत आयात भुगतान से संबंधित प्रक्रिया में बदलाव का उद्देश्य कारोबारियों के लिए नियमों को अधिक लचीला बनाना है। नई व्यवस्था में भुगतान की शर्तों को कारोबारी और विदेशी सप्लायर के बीच हुए समझौते के अनुरूप तय करने की अधिक गुंजाइश होगी। इससे अंतरराष्ट्रीय कारोबार करने वाले व्यवसायों को भुगतान प्रबंधन में सुविधा मिल सकती है।

अक्टूबर में बदलाव का आपकी जिंदगी पर क्या असर होगा?

1 अक्टूबर से होने वाले इन बदलावों में कुछ का असर सीधे LPG, वाहन और घरेलू सामान पर पड़ सकता है, जबकि कुछ बदलाव बैंकिंग, प्रॉपर्टी, पेंशन और कारोबार से जुड़े हैं।

अगर आप वाहन चलाते हैं तो PUC की वैधता जरूर जांच लें। LPG सब्सिडी लेते हैं तो आधार ऑथेंटिकेशन की स्थिति देख लें। वहीं NRI से प्रॉपर्टी खरीदने या विदेश से कारोबार करने वालों को नई टैक्स और भुगतान प्रक्रिया की जानकारी रखना जरूरी है।

नोट: अलग-अलग नियमों की लागू होने की तारीख, क्षेत्र और पात्रता अलग हो सकती है। किसी वित्तीय, टैक्स या कानूनी प्रक्रिया में बदलाव करने से पहले संबंधित सरकारी विभाग, बैंक या सेवा प्रदाता की ताजा जानकारी जरूर जांचें।

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