सोशल संवाद / जमशेदपुर : टाटानगर स्टेशन को दिसंबर 2028 तक एयरपोर्ट की तर्ज पर यात्री सुविधाओं और सुरक्षा से लैस करने का लक्ष्य है। वहीं, ट्रेनों की लेटलतीफी दूर करने के लिए तीसरी लाइन के बाद चौथी और पांचवीं लाइन का काम जारी है, ताकि मालगाड़ियों को मेन लाइन पर नहीं लाना पड़े। दक्षिण पूर्व रेलवे जोन के एजीएम मनीष जैन ने सोमवार को टाटानगर स्टेशन पर प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2026 तक रांची, खड़गपुर और आद्रा मंडल में कई एनआई कार्य पूरे करने का लक्ष्य है। इसके बाद ट्रेनों के परिचालन में सुधार होगा।
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एजीएम ने बताया कि बर्मामाइंस गेट की ओर स्टेशन विकास का काम शुरू हो गया है, जबकि मेन गेट की ओर नवंबर से काम शुरू होगा। इससे पहले नई पार्किंग और फोरलेन सड़क का काम पूरा कर लिया जाएगा। जरूरत के अनुसार स्टेशन के प्रस्तावित नक्शे में बदलाव किया जा सकता है। एजीएम ने डीआरएम तरुण हुरिया और अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ स्टेशन विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने नई पार्किंग, सड़क और अन्य बाहरी कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। डीआरएम ने स्टेशन के नए भवन समेत प्रस्तावित कार्यों के बारे में एजीएम को जानकारी दी। मालूम हो कि रेलवे बोर्ड टाटानगर स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए 335 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रहा है।
डीआरएम तरुण हुरिया ने कहा कि गोविंदपुर हॉल्ट पर जल्द पहले की तरह लोकल ट्रेनों का ठहराव शुरू होगा। इसके लिए स्टेशन का विकास कर प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाई जाएगी। ट्रेनों के समय पर परिचालन और खाली कोच रखने के लिए गोविंदपुर, टाटानगर, आदित्यपुर, हल्दीपोखर समेत अन्य स्टेशनों पर अतिरिक्त लूप, स्टेबलिंग और पिट लाइन बनाने की योजना है।
थर्ड लाइन व कोचिंग डिपो की समीक्षा की
स्टेशन और मल्टी-ट्रेनिंग सेंटर के निरीक्षण के बाद एजीएम ने चक्रधरपुर मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें आदित्यपुर-टाटानगर थर्ड लाइन जल्द शुरू करने और वंदे भारत कोचिंग डिपो की योजना की समीक्षा हुई। वंदे भारत समेत अन्य ट्रेनों के लिए 383 करोड़ रुपये से नया डिपो बनाया जाएगा। स्टेशन विकास के तहत पुरानी वाशिंग लाइन हटने की संभावना है। नया डिपो बनने से दर्जनों कोच के रखरखाव और धुलाई में सुविधा होगी।
ढुलाई बढ़ाने को यार्ड का होगा विस्तार
एजीएम ने चक्रधरपुर मंडल में माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने के लिए दो नई साइडिंग के चयन की जानकारी दी। इनके निर्माण से दुलाई क्षमता बढ़ेगी। गति शक्ति टर्मिनल के तहत मार्च 2027 तक बिरराजपुर और सागरा (राउरकेला-झारसुगुडा सेक्शन) में इनवर्ड-आउटवर्ड दोनों की कमीशनिंग का लक्ष्य है। ढुलाई बढ़ाने के लिए रेलवे लाइन सुधार, यार्ड विस्तार, प्वाइंट-सिग्नल अपग्रेड व अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल हो रहा है।











