सोशल संवाद/डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली में आयोजित Bloomberg New Economy Forum में भारत की लोकतांत्रिक परंपरा, डिजिटल क्रांति और तकनीक की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में शक्ति के मायने बदल रहे हैं। अब तकनीक, डेटा, ज्ञान और नवाचार दुनिया में बदलाव लाने के प्रमुख माध्यम बन रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि शक्ति का इस्तेमाल केवल नियंत्रण के लिए नहीं, बल्कि लोगों को सशक्त बनाने के लिए होना चाहिए।
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‘भारत लोकतंत्र की जननी है’
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को लोकतंत्र की जननी बताते हुए देश की भाषाई विविधता, मीडिया और सोशल मीडिया की व्यापक पहुंच का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में सैकड़ों भाषाएं बोली जाती हैं और बड़ी संख्या में समाचार पत्र व प्रकाशन लोकतांत्रिक चर्चा को आगे बढ़ाते हैं।
उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका पर भी बात की और कहा कि इन माध्यमों ने लोगों को आपस में जुड़ने तथा विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर दिया है।
तकनीक, डेटा और नवाचार बन रहे शक्ति के नए स्रोत
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के तीसरे दशक में दुनिया बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। इस बदलाव में तकनीक, डेटा, ज्ञान और नवाचार की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इन संसाधनों से मिलने वाली शक्ति का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है और क्या इससे समाज के व्यापक वर्ग को लाभ मिल रहा है। उनके संबोधन का प्रमुख संदेश था कि तकनीक और संसाधनों का उद्देश्य लोगों को आगे बढ़ने के अवसर देना होना चाहिए।
सस्ता इंटरनेट बढ़ा रहा अवसरों का दायरा
प्रधानमंत्री ने भारत में मोबाइल डेटा की किफायती उपलब्धता और डिजिटल कनेक्टिविटी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इंटरनेट की पहुंच बढ़ने से विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए शिक्षा, जानकारी और नए अवसरों तक पहुंच आसान हुई है।
उन्होंने डिजिटल कनेक्टिविटी को केवल लोगों को जोड़ने का माध्यम नहीं, बल्कि अवसरों तक पहुंच बढ़ाने वाला साधन बताया।
13 से 15 अक्टूबर तक आयोजित हो रहा है फोरम
Bloomberg New Economy Forum का आठवां संस्करण 13 से 15 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। इसमें सरकार, कारोबार, वित्त और तकनीक से जुड़े वैश्विक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। फोरम का उद्देश्य वैश्विक अर्थव्यवस्था, तकनीकी बदलाव और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना है।











