Railway News: घायल रेलकर्मियों को मिलेगा IOD फॉर्म, दो गवाहों की शर्त खत्म

By Tamishree Mukherjee

Published :

Follow
Railway News, IOD Form Railway

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / डेस्क : ड्यूटी के दौरान हादसे में घायल होने वाले रेलकर्मियों के लिए राहत भरी खबर है। अब इलाज और छुट्टी से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। बनारस रेल मंडल के डीआरएम आशीष जैन ने इंजरी ऑन ड्यूटी (IOD) फॉर्म को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत निगरानी अधिकारी घायल कर्मचारी को फॉर्म उपलब्ध कराने में देरी नहीं कर सकेंगे। नए आदेश में दो गवाहों की अनिवार्यता समाप्त किए जाने की बात भी कही गई है।

यह भी पढ़े : Railway Pension News: WhatsApp से करें पेंशन की शिकायत, 4 नवंबर अंतिम तारीख

Sunrise Enclave
Hospital Advertisement

क्या है IOD फॉर्म और क्यों है जरूरी?

IOD यानी Injury on Duty फॉर्म का इस्तेमाल ड्यूटी के दौरान घायल हुए कर्मचारी से जुड़ी घटना का विवरण दर्ज करने के लिए किया जाता है। इसमें हादसे से संबंधित जरूरी जानकारी भरकर संबंधित अधिकारी को सौंपी जाती है।

रेलवे में इस प्रक्रिया का संबंध घायल कर्मचारी के इलाज और अवकाश से जुड़े मामलों से हो सकता है। नए निर्देश के अनुसार, कर्मचारी को अपने निगरानी अधिकारी से IOD फॉर्म लेना होगा, हादसे से संबंधित जानकारी भरनी होगी और फिर फॉर्म अधिकारी को सौंपना होगा।

घायल रेलकर्मियों को फॉर्म देने में देरी नहीं कर सकेंगे अधिकारी

बनारस रेल मंडल के डीआरएम आशीष जैन ने स्पष्ट किया है कि निगरानी अधिकारियों को घायल कर्मचारियों को IOD फॉर्म उपलब्ध कराना होगा। फॉर्म देने में अनावश्यक देरी नहीं की जानी चाहिए।

यह मुद्दा एनई रेलवे मेंस कांग्रेस ने स्थायी वार्ता तंत्र (PNM) की बैठक में उठाया था। यूनियन ने कर्मचारियों को IOD प्रक्रिया में होने वाली परेशानियों की ओर रेल प्रशासन का ध्यान दिलाया। इसके बाद मंडल प्रशासन ने इस संबंध में निर्देश जारी किए।

दो गवाहों की अनिवार्यता भी हुई समाप्त

IOD प्रक्रिया में पहले दो गवाहों की जरूरत होती थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नए आदेश के बाद यह शर्त समाप्त कर दी गई है। इससे घायल कर्मचारियों के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी करना आसान हो सकता है। हालांकि, कर्मचारियों को हादसे से जुड़ी जानकारी सही-सही दर्ज करनी होगी। गलत या भ्रामक जानकारी देने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

घर से ड्यूटी और ड्यूटी से घर लौटते समय हादसे पर भी लागू हो सकता है नियम

रेलवे बोर्ड के नियमों के अनुसार, घर से ड्यूटी के लिए निकलने और ड्यूटी पूरी करके घर लौटने के बीच हुए हादसे को निर्धारित शर्तों के तहत ड्यूटी से संबंधित हादसा माना जा सकता है।

ऐसी स्थिति में पात्र कर्मचारी को मिलने वाला अवकाश उसके उपार्जित अवकाश (Earned Leave) से समायोजित नहीं किया जाता। हालांकि, किसी विशेष मामले में नियम लागू होने की स्थिति संबंधित तथ्यों और रेलवे के लागू प्रावधानों पर निर्भर करेगी।

यूनियन ने रेल प्रशासन के फैसले का किया स्वागत

एनई रेलवे मेंस कांग्रेस के महामंत्री अखिलेश पांडेय के अनुसार, यूनियन की ओर से PNM बैठक में यह मुद्दा उठाए जाने के बाद डीआरएम ने संज्ञान लिया और स्पष्ट आदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि निगरानी अधिकारियों को घायल कर्मचारियों को फॉर्म उपलब्ध कराने में देरी नहीं करनी चाहिए। साथ ही कर्मचारियों से भी अपील की गई है कि वे IOD फॉर्म में सही और सटीक जानकारी दर्ज करें।

रेलकर्मियों के लिए क्यों अहम है यह आदेश?

ड्यूटी के दौरान घायल होने पर कर्मचारी को इलाज के साथ-साथ आवश्यक दस्तावेज और अवकाश की प्रक्रिया भी पूरी करनी पड़ती है। ऐसे में IOD फॉर्म समय पर उपलब्ध होना और प्रक्रिया सरल होना महत्वपूर्ण है।

बनारस रेल मंडल के इस निर्देश से घायल कर्मचारियों को औपचारिकताएं पूरी करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, गलत जानकारी देने पर कार्रवाई की चेतावनी से यह भी स्पष्ट है कि आवेदन में तथ्य सही दर्ज करना जरूरी होगा।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

संबंधित पोस्ट