सोशल संवाद / डेस्क : साउथ सुपरस्टार प्रभास की आने वाली फिल्म ‘फौजी’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। फिल्म के टीजर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस और एडॉल्फ हिटलर से जुड़े एक दृश्य को लेकर आपत्ति जताई गई है। नेताजी के परिवार से जुड़े चंद्र कुमार बोस ने फिल्म के निर्माताओं पर इतिहास को गलत तरीके से दिखाने का आरोप लगाया है। उन्होंने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर टीजर हटाने और मामले की जांच कराने की मांग की है।
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प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ के टीजर पर क्यों मचा विवाद?
23 अक्टूबर 2026 को प्रभास के 47वें जन्मदिन के मौके पर फिल्म ‘फौजी’ के निर्माताओं ने ‘फाइल नंबर 25’ नाम से एक वीडियो जारी किया था। इसमें फिल्म की कहानी और प्रभास के किरदार की झलक दिखाई गई थी।
वीडियो में साल 1942 के बर्लिन की पृष्ठभूमि दिखाई गई है। एक दृश्य में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को जर्मन तानाशाह एडॉल्फ हिटलर से बातचीत करते हुए दिखाया गया है। इस बातचीत में प्रभास के किरदार का जिक्र और उसकी प्रशंसा किए जाने को लेकर विवाद शुरू हुआ।
आलोचकों का आरोप है कि इस दृश्य में ऐतिहासिक घटनाओं और व्यक्तित्वों को काल्पनिक कहानी के साथ जोड़कर गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
चंद्र कुमार बोस ने अश्विनी वैष्णव को लिखा पत्र
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार के सदस्य और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता चंद्र कुमार बोस ने फिल्म के टीजर पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखा अपना पत्र साझा किया।
पत्र में उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े महान व्यक्तित्वों को पर्दे पर प्रस्तुत करते समय ऐतिहासिक तथ्यों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से मामले की जांच कराने और आपत्तिजनक दृश्यों को हटाने की मांग की। साथ ही फिल्म के निर्देशक हनु राघवपुडी से इस विषय की गंभीरता को समझने की अपील की।
सेंसर बोर्ड की भूमिका पर भी उठाए सवाल
चंद्र कुमार बोस ने फिल्म के टीजर को लेकर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि नेताजी से जुड़े कथित आपत्तिजनक दृश्यों को किस आधार पर अनुमति दी गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
हालांकि, टीजर को CBFC से प्रमाणन मिला था या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी किया टैग
चंद्र कुमार बोस ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी टैग किया। उन्होंने मांग की कि फिल्म के टीजर में आवश्यक सुधार किए जाएं और इसके बाद ही उसे दोबारा जारी किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि नेताजी से जुड़ी आपत्तियों का समाधान किया जाता है, तो वह प्रभास और फिल्म की पूरी टीम को शुभकामनाएं देंगे।
रचनात्मक स्वतंत्रता के नाम पर इतिहास से छेड़छाड़ गलत: चंद्र कुमार बोस
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में चंद्र कुमार बोस ने कहा कि फिल्म निर्माताओं को स्वतंत्रता संग्राम और उससे जुड़े नेताओं पर फिल्म बनाने का अधिकार है, लेकिन ऐतिहासिक घटनाओं को गलत तरीके से प्रस्तुत करना उचित नहीं है।
उनके अनुसार, राष्ट्रीय नायकों से जुड़े तथ्यों को बदलकर काल्पनिक घटनाओं के रूप में दिखाना गंभीर मामला है। उन्होंने फिल्म निर्माताओं से ऐतिहासिक विषयों पर अधिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता बरतने की अपील की।
क्या है प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ की कहानी?
फिल्म ‘फौजी’ एक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित पीरियड ड्रामा बताई जा रही है। इसके जारी वीडियो में ब्रिटिश शासन के दौर और द्वितीय विश्व युद्ध के समय की घटनाओं की झलक देखने को मिली है।
हालांकि, फिल्म की पूरी कहानी अभी सामने नहीं आई है। टीजर में प्रभास के किरदार को लेकर दिखाई गई बातचीत ने दर्शकों के बीच उत्सुकता के साथ विवाद भी पैदा कर दिया है।
कब रिलीज होगी प्रभास की ‘फौजी’?
प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ का निर्देशन हनु राघवपुडी कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण मैत्री मूवी मेकर्स के बैनर तले किया जा रहा है, जबकि टी-सीरीज फिल्म्स इसे प्रस्तुत कर रही है।
फिल्म के निर्माताओं में नवीन यरनेनी, वाई रवि शंकर और भूषण कुमार शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिल्म को 19 मार्च 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना है।
फिलहाल फिल्म के टीजर पर उठे सवालों को लेकर निर्माताओं की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि निर्माता विवादित दृश्यों में बदलाव करते हैं या अपने मूल वीडियो को बरकरार रखते हैं।










