सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनके ‘वोट चोरी’ अभियान पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन का रास्ता केवल बैलेट यानी मतपत्र से होकर गुजरता है, बंदूक या अराजकता से नहीं। लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि है और किसी भी राजनीतिक बदलाव का आधार संविधान तथा चुनाव प्रक्रिया होनी चाहिए।
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रघुवर दास ने अपने बयान में कहा कि चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन ऐसे आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण देना और संवैधानिक संस्थाओं के माध्यम से समाधान खोजना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल नारों और आरोपों के सहारे जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता।
इंदिरा गांधी का उदाहरण देकर कही यह बात
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का इतिहास इस बात का गवाह है कि देश में सत्ता का फैसला जनता मतपत्र के जरिए करती है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी सरकार का अंत भी चुनाव के माध्यम से हुआ था। दास के मुताबिक, हिंसा के रास्ते सत्ता हासिल करने की सोच लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।
उन्होंने कम्युनिस्ट दलों पर भी निशाना साधते हुए 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठाए। साथ ही दावा किया कि नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई से उग्रवाद कमजोर हुआ है।
‘तिलचट्टे’ आंदोलन के एजेंडे और फंडिंग पर उठाए सवाल
रघुवर दास ने अपने बयान में ‘तिलचट्टे’ आंदोलन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इसकी शुरुआत शिक्षा सुधार के नाम पर हुई थी, लेकिन बाद में यह कांग्रेस और वामपंथी दलों के साथ जुड़ गया। उन्होंने आंदोलन के एजेंडे और फंडिंग को लेकर स्पष्टता की मांग की। सोशल मीडिया पर अचानक बड़ी संख्या में फॉलोअर्स जुड़ने को भी उन्होंने सवालों के घेरे में रखा।
दास ने इसके पीछे विदेशी शक्तियों की भूमिका होने का दावा भी किया। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने अपने बयान में कोई सार्वजनिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
SIR और चुनावी प्रक्रिया पर भी रखी राय
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है और मतदाता सूची को निष्पक्ष बनाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने एसआईआर का समर्थन करते हुए दावा किया कि इससे देश की संप्रभुता मजबूत हुई है और घुसपैठियों की पहचान करने में मदद मिली है।
उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष, दोनों की जवाबदेही जनता के प्रति होती है।
‘वोट चोर’ नारा भी दम तोड़ेगा: रघुवर दास
रघुवर दास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाहीन बाग से लेकर ‘वोट चोर’ जैसे नारों तक, विभिन्न राजनीतिक चुनौतियों का धैर्य और दूरदर्शिता से सामना किया है। उन्होंने दावा किया कि ‘वोट चोर’ का नारा भी पहले के राजनीतिक नारों की तरह प्रभाव खो देगा।
अपने बयान के अंत में दास ने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन का वैध रास्ता चुनाव है। लोकतंत्र की असली ताकत जनता के विश्वास, संविधान और बैलेट में निहित है।
रघुवर दास झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रह चुके हैं।










