सोशल संवाद / जमशेदपुर: कोल्हान प्रमंडल में जाति, आय, आवासीय और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों के लंबित रहने से हजारों छात्र-छात्राओं और आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। समय पर जरूरी दस्तावेज नहीं मिलने के कारण विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति आवेदन और प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने की राह मुश्किल हो रही है। तीनों जिलों में करीब 20 हजार प्रमाण पत्र लंबित बताए जा रहे हैं।
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दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, ई-कल्याण छात्रवृत्ति के आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित होने के कारण विद्यार्थियों की चिंता बढ़ गई है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कई छात्र आवश्यक प्रमाण पत्र नहीं मिलने से आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
छह से आठ महीने से प्रमाण पत्र का इंतजार
एमजीएम थाना क्षेत्र के पिपला निवासी सोहन मांझी पिछले छह महीने से आवासीय प्रमाण पत्र के लिए इंतजार कर रहे हैं। उन्हें बैंकिंग परीक्षा के लिए आवेदन करना है, लेकिन प्रमाण पत्र नहीं बनने के कारण परेशानी हो रही है।
वहीं, घाटशिला की तृषा कुमारी ने आठ महीने पहले ओबीसी प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण उन्हें स्नातक में सामान्य श्रेणी के तहत नामांकन लेना पड़ा।
पूर्वी सिंहभूम में 10 हजार आवेदन लंबित
रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्वी सिंहभूम जिले में करीब 10 हजार जन्म और आय प्रमाण पत्र लंबित हैं। सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल और सरायकेला अनुमंडल में लगभग पांच हजार तथा पश्चिम सिंहभूम में भी करीब पांच हजार प्रमाण पत्र अटके हुए हैं।
इस तरह कोल्हान के तीनों जिलों में कुल करीब 20 हजार प्रमाण पत्र लंबित बताए जा रहे हैं। इन दस्तावेजों की जरूरत सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, छात्रवृत्ति पाने, कॉलेज में नामांकन और प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन में पड़ती है।
SIR की प्रक्रिया से सत्यापन कार्य प्रभावित
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया के कारण प्रमाण पत्रों के सत्यापन और निष्पादन की गति प्रभावित हुई है। धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी अर्णव मिश्रा ने बताया कि प्रमाण पत्रों का सत्यापन निर्धारित समय-सीमा में करना फिलहाल संभव नहीं हो पा रहा है। हालांकि, लंबित आवेदनों का निस्तारण धीरे-धीरे किया जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों ने भी उठाई समस्या
सरायकेला-खरसावां जिला परिषद की उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में प्रमाण पत्र लंबित रहने से विद्यार्थियों और आम लोगों को हो रही परेशानी पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि ई-कल्याण छात्रवृत्ति की समय-सीमा नजदीक होने के कारण कई विद्यार्थी इसके लाभ से वंचित हो सकते हैं।
प्रमाण पत्रों में देरी का असर केवल छात्रवृत्ति तक सीमित नहीं है। प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी योजनाओं और शैक्षणिक नामांकन में भी विद्यार्थियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।










