सोशल संवाद / डेस्क : दीवाली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में खरीदारी और मिठाइयों की तैयारी तेज हो गई है, लेकिन इस बार त्योहार का बजट बिगड़ सकता है। घरों में मिठाई और पकवान बनाने में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री से लेकर ड्राई फ्रूट्स तक की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले एक महीने में चीनी, बेसन, मैदा, सूजी, दाल और चने के दाम बढ़े हैं। वहीं, काजू, बादाम और पिस्ता भी महंगे हो गए हैं।
खाद्य सामग्री की कीमतों में आई इस तेजी का असर आम परिवारों के साथ मिठाई कारोबार और कंपनियों की कॉरपोरेट गिफ्टिंग पर भी पड़ सकता है। दुकानदारों के मुताबिक, इस बार दीवाली की मिठाइयां और ड्राई फ्रूट्स के पैक तैयार करने में पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।
चीनी से बेसन तक महंगे हुए त्योहार के जरूरी सामान
मेन रोड स्थित रघुवंशी स्टोर के संचालक जुवीन ठक्कर के अनुसार, सितंबर के मुकाबले अक्टूबर में कई जरूरी सामानों की कीमतें बढ़ी हैं। सितंबर में 58 रुपये किलो मिलने वाली चीनी अब करीब 66 रुपये किलो तक पहुंच गई है। बेसन की कीमत 100 से बढ़कर 115 रुपये किलो हो गई है। वहीं, मैदा 55 से 60 रुपये और सूजी 60 से 65 रुपये किलो बिक रही है।
इन सामग्रियों का इस्तेमाल दीवाली पर मिठाई, नमकीन और अन्य पकवान बनाने में बड़े पैमाने पर होता है। ऐसे में इनके महंगे होने से घरों में त्योहार की तैयारी का खर्च बढ़ सकता है।
दाल, चना, तेल और घी के दाम में भी बढ़ोतरी
दीवाली से पहले दाल और चने की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है। अरहर दाल का भाव 130 से बढ़कर 150 रुपये किलो हो गया है। चना दाल 95 से 105 रुपये और सामान्य चना 90 से 100 रुपये किलो बिक रहा है। काबुली चने की कीमत भी 100 से बढ़कर 120 रुपये किलो पहुंच गई है।
इसके अलावा सत्तू के दाम में 10 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। चावल की अलग-अलग किस्मों के भाव में भी 3 से 10 रुपये प्रति किलो तक का इजाफा हुआ है। सरसों तेल, रिफाइंड, घी और बटर की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सितंबर और अक्टूबर में खाद्य सामग्रियों के दाम की तुलना
दुकानदार से मिली जानकारी के अनुसार, कई जरूरी सामानों की कीमतों में पिछले एक महीने के दौरान बदलाव आया है।
| सामान | सितंबर का भाव | अक्टूबर का भाव |
|---|---|---|
| चीनी | ₹58/किलो | ₹62-65/किलो |
| इंजन सरसों तेल | ₹220/लीटर | ₹225/लीटर |
| सत्तू | ₹150/किलो | ₹160/किलो |
| बेसन | ₹100/किलो | ₹115/किलो |
| गणेश मैदा | ₹55/किलो | ₹60/किलो |
| सूजी | ₹60/किलो | ₹65/किलो |
| सलोनी सरसों तेल | ₹185/लीटर | ₹190/लीटर |
| घी | ₹700/किलो | ₹740/किलो |
| बटर | ₹315/500 ग्राम | ₹325/500 ग्राम |
| चांदी अर्क | ₹100/10 पीस | ₹120/10 पीस |
ड्राई फ्रूट्स हुए महंगे, पिस्ता के दाम में 700 रुपये की बढ़ोतरी
दीवाली पर मिठाइयों और गिफ्ट पैक में इस्तेमाल होने वाले ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में भी तेजी आई है। काजू और बादाम के भाव 1100 रुपये से बढ़कर 1300 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। मामरा बादाम की कीमत 4200 से बढ़कर 4400 रुपये किलो हो गई है।
सबसे ज्यादा बढ़ोतरी प्लेन पिस्ता की कीमत में दर्ज की गई है। सितंबर में 2800 रुपये किलो बिकने वाला पिस्ता अब 3500 रुपये किलो तक पहुंच गया है। यानी एक महीने में इसकी कीमत में 700 रुपये का इजाफा हुआ है। दूसरे प्रकार के पिस्ते का भाव भी 1750 से बढ़कर 1900 रुपये किलो हो गया है।
वहीं, छुहाड़ा 300 से बढ़कर 350 रुपये किलो बिक रहा है। हालांकि, किशमिश की कीमत में फिलहाल बदलाव नहीं हुआ है और यह 520 रुपये किलो पर बनी हुई है।
मिठाई कारोबार और कॉरपोरेट गिफ्टिंग पर भी पड़ेगा असर
दीवाली के दौरान कंपनियां अपने कर्मचारियों, ग्राहकों और कारोबारी सहयोगियों को मिठाई और ड्राई फ्रूट्स के पैक उपहार में देती हैं। ऐसे में काजू, बादाम और पिस्ता की बढ़ती कीमतों से कॉरपोरेट गिफ्टिंग का बजट भी प्रभावित हो सकता है।
दूसरी ओर, मिठाई कारोबारियों की लागत भी बढ़ने की आशंका है। चीनी, बेसन, मैदा, सूजी और घी जैसे कच्चे माल महंगे होने से मिठाइयां तैयार करने का खर्च बढ़ सकता है।
कुल मिलाकर, दीवाली से पहले खाद्य सामग्री और ड्राई फ्रूट्स की बढ़ती कीमतें आम परिवारों से लेकर कारोबारियों तक का बजट प्रभावित कर सकती हैं। अब देखना होगा कि त्योहार के दौरान बाजार में कीमतों का रुख क्या रहता है।










