सोशल संवाद / डेस्क : समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को रामपुर जेल से बाहर आते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया। शनिवार, 31 अक्टूबर की शाम करीब 11 महीने बाद आजम खान अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ जेल से बाहर निकले थे। लेकिन उनकी रिहाई के कुछ ही मिनटों बाद ईडी की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया। वहीं, अब्दुल्ला आजम को रिहा कर दिया गया।
दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को जमानत दी थी। दोनों को इस मामले में सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी। जमानत मिलने के बाद जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं और शनिवार शाम दोनों रामपुर जेल से बाहर आए।
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में ED की कार्रवाई
आजम खान के खिलाफ ईडी की यह कार्रवाई एक अलग मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ी है। एजेंसी मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है। आजम खान इस ट्रस्ट के संस्थापक और यूनिवर्सिटी के संस्थापक हैं।
ईडी ने हाल ही में जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को अस्थायी रूप से अटैच किया था। एजेंसी के अनुसार, इन संपत्तियों का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये है, जबकि इनकी बुक वैल्यू 426.46 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच एजेंसी का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन और अन्य संसाधनों के कथित दुरुपयोग से जुड़ी अनियमितताएं हुई हैं।
आजम खान ने क्या कहा?
जेल से बाहर निकलने के बाद आजम खान ने मीडिया से बातचीत में कहा, “कहने को क्या रह गया है? मुसलमान होने की सजा है।” उन्होंने यूनिवर्सिटी और बच्चों के लिए स्कूल बनाने का जिक्र करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
ईडी की टीम उन्हें आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए गाजियाबाद स्थित विशेष PMLA अदालत में पेश करने वाली है। एजेंसी उनसे इस मामले में पूछताछ के लिए रिमांड की मांग कर सकती है।
बेटे अब्दुल्ला आजम को मिली रिहाई
आजम खान के साथ उनके बेटे अब्दुल्ला आजम भी रामपुर जेल से बाहर आए। हालांकि, ईडी की कार्रवाई केवल आजम खान के खिलाफ हुई और अब्दुल्ला आजम को रिहा कर दिया गया। जेल के बाहर आजम खान के समर्थकों की भीड़ मौजूद थी। उनकी रिहाई के बाद समर्थकों ने स्वागत किया, लेकिन ईडी की कार्रवाई से माहौल बदल गया।
इस तरह दो पैन कार्ड मामले में जमानत मिलने के बाद भी आजम खान की जेल से रिहाई ज्यादा देर तक आजादी में नहीं बदल सकी।










