Delhi Police Protest: ACP मनस्वी वशिष्ठ के निलंबन की चर्चा, जानिए पूरा मामला

By Tamishree Mukherjee

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ACP Manasvi Vashishth Suspension News

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सोशल संवाद / डेस्क : दिल्ली पुलिस में तैनात DANIPS अधिकारी एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को गृह मंत्रालय की ओर से निलंबित किए जाने की खबर सामने आ रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह मामला सोमवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां सैकड़ों पुलिसकर्मियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों के फैसले के खिलाफ आवाज उठाई थी।

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Sunrise Enclave

विरोध प्रदर्शन में एसीपी मनस्वी वशिष्ठ की भूमिका भी चर्चा में रही। उन्होंने पुलिसकर्मियों के बीच एकजुटता और सम्मान का मुद्दा उठाते हुए नेतृत्व किया। हालांकि, उनके कथित निलंबन और प्रदर्शन के बीच सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

क्यों हुआ दिल्ली पुलिस मुख्यालय का घेराव?

विवाद की शुरुआत शाहदरा जिले में एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और एसएचओ अरुण कुमार के तबादले से हुई। बताया गया कि दोनों अधिकारियों को निष्क्रिय यूनिटों में स्थानांतरित किए जाने से पुलिसकर्मियों में नाराजगी फैल गई थी। इस फैसले को वकीलों के दबाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

इसी के विरोध में सोमवार सुबह बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने विभागीय फैसले पर सवाल उठाते हुए पुलिसकर्मियों के सम्मान और एकजुटता की मांग की। कई जवान वर्दी में, जबकि अन्य सादे कपड़ों में पहुंचे थे। महिला पुलिसकर्मियों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

एसीपी मनस्वी वशिष्ठ के भाषण की चर्चा

प्रदर्शन के दौरान एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने पुलिसकर्मियों को संबोधित किया। उनके भाषण और पुलिस एकता के आह्वान के बाद प्रदर्शन में शामिल जवानों की संख्या बढ़ने की बात सामने आई।

स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने की कोशिश की। कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मनस्वी वशिष्ठ से वार्ता का प्रयास किया। लेकिन पुलिसकर्मी अपनी मांगों को लेकर लंबे समय तक मुख्यालय के बाहर डटे रहे।

पुलिस मुख्यालय के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा

प्रदर्शन में पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए अर्धसैनिक बलों की तैनाती किए जाने की जानकारी भी सामने आई।

दोपहर के समय पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार के साथ बातचीत के लिए अधिकारियों और एसीपी मनस्वी वशिष्ठ के बीच संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी मुख्यालय के अंदर पहुंच गए। इसके बाद करीब 45 मिनट तक अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बैठक चली।

पुलिसकर्मियों ने रखीं ये प्रमुख मांगें

बैठक के दौरान एसीपी मनस्वी वशिष्ठ की ओर से पुलिसकर्मियों की कई मांगें उठाए जाने की जानकारी सामने आई। इनमें तीन प्रमुख मांगें थीं:

  • वकीलों के खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द नहीं किया जाए।
  • एफआईआर से बार काउंसिल के किसी सदस्य का नाम नहीं हटाया जाए।
  • प्रदर्शन में शामिल किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ अनुशासनात्मक या कानूनी कार्रवाई नहीं की जाए।

बताया गया कि मनस्वी वशिष्ठ ने अधिकारियों के समक्ष यह भी कहा कि यदि किसी तरह की कार्रवाई की जाती है, तो अन्य पुलिसकर्मियों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। हालांकि, इन मांगों पर विभाग की ओर से अंतिम निर्णय की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

आश्वासन के बाद भी देर शाम तक जारी रहा विरोध

पुलिस आयुक्त के साथ बातचीत और आश्वासन मिलने के बाद भी प्रदर्शन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। शाम करीब पांच बजे कुछ पुलिसकर्मी दोबारा मुख्यालय के बाहर एकत्र हुए और नारेबाजी की। सुबह से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन देर शाम तक चर्चा में बना रहा।

कौन हैं एसीपी मनस्वी वशिष्ठ?

मनस्वी वशिष्ठ DANIPS कैडर के अधिकारी बताए जाते हैं। DANIPS का पूरा नाम दिल्ली, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह पुलिस सेवा है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, वह मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं और आईआईटी खड़गपुर से पढ़ाई करने के बाद सिविल सेवा में आए।

दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर हुए प्रदर्शन में उनकी भूमिका के बाद उनका नाम चर्चा में आया है। अब उनके कथित निलंबन की खबर ने मामले को और गंभीर बना दिया है। हालांकि, निलंबन आदेश की आधिकारिक पुष्टि और उसके कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति साफ हो सकेगी।

नोट: एसीपी मनस्वी वशिष्ठ के निलंबन की खबर और प्रदर्शन से उसके संबंध की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। इसलिए इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष निकालना फिलहाल उचित नहीं होगा।

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