सोशल संवाद / डेस्क : क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit ने अपनी एंबुलेंस सेवा के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब गैर-आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस बुक करने पर 2,500 रुपये का शुल्क देना होगा। हालांकि, गंभीर मरीजों और मेडिकल इमरजेंसी के लिए एंबुलेंस सेवा पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेगी। कंपनी ने यह फैसला एंबुलेंस सेवा के बढ़ते दुरुपयोग को रोकने और जरूरतमंद मरीजों के लिए इसकी उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया है।
यह भी पढे : शादी कोई ऐसा रिश्ता नहीं, जिसे बीमारी के नाम पर तोड़ दिया जाए : हाई कोर्ट
क्यों लिया गया ₹2,500 शुल्क लेने का फैसला?
जोमैटो और ब्लिंकिट की मूल कंपनी Eternal के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने 5 नवंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस बदलाव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में Blinkit Ambulance ने करीब 42,000 मामलों में सेवाएं दी हैं। इनमें लगभग 20,000 मामले मेडिकल इमरजेंसी से जुड़े थे। कंपनी ने अब तक इन सेवाओं के लिए मरीजों से कोई शुल्क नहीं लिया था।
गोयल के मुताबिक, मुफ्त सेवा होने के कारण अब बड़ी संख्या में लोग नियमित मेडिकल चेकअप, सामान्य अस्पताल विजिट और अस्पताल से घर जाने के लिए भी एंबुलेंस बुक कर रहे थे। ऐसे काम निजी गाड़ियों या कैब से भी किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि गैर-जरूरी यात्राओं में एंबुलेंस और उसमें तैनात पैरामेडिकल स्टाफ व्यस्त रहते हैं। इससे उन मरीजों को समय पर सहायता मिलने में परेशानी हो सकती है, जिन्हें वास्तव में जीवन बचाने वाली आपातकालीन सेवा की जरूरत है। NDTV+2
इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा रहेगी मुफ्त
नई व्यवस्था के तहत मेडिकल इमरजेंसी में एंबुलेंस सेवा पहले की तरह मुफ्त रहेगी। वहीं, गैर-आपातकालीन यात्रा पूरी होने के बाद 2,500 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। कंपनी के अनुसार, यह राशि निजी एंबुलेंस ऑपरेटरों की दरों के आसपास है।
इस सेवा से मिलने वाला पैसा Eternal Foundation को दिया जाएगा। यही संस्था Blinkit की एंबुलेंस सेवा का संचालन करती है और इस राशि का इस्तेमाल सेवा के विस्तार में किया जाएगा। Hindustan+1
किन शहरों में उपलब्ध है Blinkit Ambulance?
लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, Blinkit की एंबुलेंस सेवा फिलहाल गुरुग्राम, दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के अधिकांश हिस्सों में उपलब्ध है।
इन एंबुलेंस में स्ट्रेचर, व्हीलचेयर, ऑक्सीजन, मरीज की स्थिति पर नजर रखने वाले उपकरण, AED, सक्शन मशीन और जरूरी दवाओं जैसी सुविधाएं दी गई हैं। एंबुलेंस में ड्राइवर के अलावा पैरामेडिक और मरीज को सहायता देने के लिए एक अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहता है। Hindustan
अगले 2 से 4 वर्षों में बड़े शहरों तक विस्तार की योजना
दीपिंदर गोयल ने यह भी बताया कि प्रशिक्षित और संवेदनशील पैरामेडिकल कर्मचारियों की उपलब्धता एंबुलेंस सेवा के विस्तार में बड़ी चुनौती है। इसके लिए कंपनी अपनी ट्रेनिंग अकादमी का विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि अगले 2 से 4 वर्षों में Blinkit Ambulance को देश के सभी प्रमुख शहरों तक पहुंचाने की योजना है। NDTV+1











